
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*
25 सितंबर 2023

अब अगले विधानसभा सत्र के दौरान कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों और उद्योग संबंधित विषय पर नियम-130 के तहत चर्चा होगी। विपक्ष के नियम 130 के तहत होने वाली चर्चा को 324 में बदलने के विरोध के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने यह व्यवस्था दी है। इससे पहले विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि नियम 324 के तहत मामूली उत्तर आता है जबकि नियम 130 के तहत लंबी चर्चा होती है। भाजपा वरिष्ठ विधायक विपिन सिंह परमार ने नियम 130 के तहत स्वास्थ्य संबंधित कैंसर व अन्य गंभीर मामले पर चर्चा मांगी थी। हालांकि उन्होंने सदन में इस विषय पर अपनी लंबी बात रखी लेकिन विपक्ष के अन्य विधायकों ने भी इस पर अपने सुझाव देने थे, लेकिन इसे नियम – 324 में बदला गया है।
वहीं, विक्रम सिंह ठाकुर ने भी नियम – 130 के तहत उद्योग संबंधित वैट और बिजली की दरों से जुड़ा अहम विषय उठाना था, उसे भी 324 में बदला गया है। संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि नियम 130 के तहत स्वास्थ्य संबंधित विषय पर चर्चा चल रही थी तो उस समय विपक्ष ने सदन का वाकआउट किया। विधानसभा अध्यक्ष की ओर विधायकों के नामों का जिक्र किया लेकिन सभी अनुपस्थित पाए गए। विधानसभा अध्यक्ष ने व्यवस्था दी कि दोनों मामलों को अगली विधानसभा में नियम 130 के तहत ही चर्चा होगी। अंतिम दिन इन पर चर्चा संभव नहीं है।
एमएमयू में अनियमितताओं की होगी जांच
निजी विश्वविद्यालय एमएमयू में हो रही अनियमितताओं की जांच होगी। कांग्रेस विधायक राजेश धर्माणी की ओर से विधानसभा में उठाए गए मामले के बाद शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित होगी। यह इन अनियमितताओं की बारीकियों से देखेगी। धर्माणी ने सदन में बताया कि एमएमयू में पढ़ाई कर रहे छात्रों और उनके अभिभावकों की शिकायतें आ रही है, रेगुलेटरी कमीशन को भी शिकायतें दी गई हैं। अब शिकायत करने वाले छात्रों को धमकाया जा रहा है कि अगर वे शिकायत वापस नहीं लेते है तो उन्हें फेल कर दिया जाएगा। यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में चल रहा था। छात्रों को डर के मारे केस विदड्रा कराना पड़ा है। उन्होंने कहा कि निजी संस्थानों में 50 सीटें स्टेट और 50 सीटें मैनेजमेंट कोटे की रहती हैं। सरकार ने स्टेट कोटे को कम किया है। मैनेजमेंट कोटे के तहत निजी संस्थान 10 गुणा पैसा ज्यादा ले रहा है। बिल्डिंग फंड और मैस में धांधलियां हो रही हैं। विश्वविद्यालय के लिए जो सड़क है, उसमें छोटी गाड़ी नहीं जा सकती। ऐसे में इसका ज्योलॉजिकल सर्वेक्षण करवाए जाने की जरूरत है। वहीं, कांग्रेस विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने भी हिमाचल ग्रुप कालाअंब की छात्राओं को जेएनएम का पेपर देने से वंचित रह रहे हैं। छात्रवृत्ति के चलते यह रोका गया है।
मानसून सत्र के अंतिम दिन लोकायुक्त संशोधन विधेयक सदन में पारित





