
ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन
6 मई 2023

जिला कांगड़ा की सुलाह विधानसभा ग्राम पंचायत मरूह के गांव सूरी चट्टियाला का 32 वर्षीय अरविंद कुमार जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में शुक्रवार सुबह सुरक्षाबलों की आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गया है। अरविंद कुमार भारतीय सेना की 9 पैरा रेजीमेंट मे पिछले 12 वर्षों से तैनात थे और श्रीनगर के कुपवाड़ा में अपनी सेवाएँ दे रहे थे। अरविंद अपने पीछे दो छोटी बेटियाँ, पत्नी और बुजुर्ग माता पिता छोड़ गए हैं।
अरविंद की शहादत की खबर उसके परिजनों को शुक्रवार दोपहर बाद पता चली। खबर सुनते ही अरविंद के घर चीख पुकार से माहौल गमगीन हो गया। अरविंद की शहादत की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। वहीं, रिश्तेदार व गांव के सेंकड़ों लोग अरविंद के घर उसके परिवारजनों को ढांढस बंधाने को पहुंचे गए।
मिली जानकारी के अनुसार अरविंद की पूरी रेजिमेंट को कुपवाड़ा से पूंछ बुलाया गया था। सेना को भनक लगी थी कि उस इलाके में एक गुफा में आतंकियों का समूह छुपा हुआ है। अरविंद व उनके साथियों ने उन पर हमला किया, जिस दौरान आतंकियों की गोलियों का जवाब देते हुए अरविंद और उनके चार अन्य साथी जवान भी शहीद हो गए। जानकारी के मुताबिक़ शहीद की पार्थिव देह मौसम की ख़राबी के चलते उधमपुर से एयरलिफ़्ट नहीं हो पाई और पार्थिव देह को उधमपुर से सड़क मार्ग से रवाना कर दिया गया है और शाम तक पालमपुर के होलटा स्थित आर्मी कैंप में पहुंचेगी। पार्थिव देह को उसके बाद परिजनों के सपुर्द की जाएगी। अरविंद के घर सैंकड़ों लोगों का तांता लगा हुआ है।
शहीद अरविंद के भाई भूपेंद्र कुमार ने बताया कि शहीद अरविंद अभी दो महीने पहले ही छुट्टी काट कर वापिस अपनी पोस्टिंग पर गए थे। भाई ने बताया कि उन्हें सेना की ओर से फोन पर बताया गया कि उनके भाई को गोली लगी है और वह घायल हैं। जब वह घर पर आए तो दोबारा फोन आया की अरविंद की आतंकी मुठभेड़ में मौत हो गई है।
शहीद अरविंद के रिशतेदार संजीव कुमार ने कहा कि अरविंद बचपन से बेहद साहसी और प्रतिभाशाली था अरविंद कुमार साल 2012 में पंजाब रेजिमेंट में भर्ती हुए थे व महज़ चंद सालों में ही स्पेशल फोर्स में जगह बना ली थी। वह जर्मनी में भी गए थे कई तरह के कम्पीटीशन में अवॉर्ड भी हासिल किए थे। वह सर्जिकल स्ट्राइक जैसे मिशन में भी अपनी अहम भूमिका निभा चुके हैं। अरविंद के पिता पी.डब्ल्यू.डी. से रिटायर्ड हैं और मानसिक तौर पर अस्वस्थ हैं। अरविंद अभी जनवरी महीने में अपनी छोटी बेटी के दिमाग की बीमारी का ऑपरेशन करवाने घर आए थे।
ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन





