
#खबर अभी अभी नाहन ब्यूरो*
27 जुलाई 2023
मंजिलें उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। सिर्फ पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है..। इन पंक्तियों को नाहन के रानीताल मोहल्ले की युवा मनीषा भंडारी ने साकार कर दिखाया है।
मनीषा भंडारी ने हाल ही में आयोजित नोर सेट फॉर.., परीक्षा उतीर्ण कर ली है। इनका चयन एम्स में नर्सिंग अधिकारी के तौर पर हुआ है।
बता दें कि रानीताल मोहल्ला निवासी मनीषा भंडारी का पूरा बचपन संघर्ष में बीता। इनके पिता राकेश भंडारी 2010 में चल बसे। इस समय मनीषा दसवीं की पढ़ाई कर रही थी। मां सुनीता देवी पर तीन बच्चों की जिम्मेवारी आन पड़ी। रहने को एक छोटा सा टीन की छत्त वाला कमरा। गोपनीयता नाम की चीज नहीं। ऐसे में मां ने छोटी सी प्राइवेट नौकरी करके बच्चों को पाला पोसा।
मनीषा बचपन से ही पढ़ाई में होशियार रही। छठी कक्षा में जवाहर नवोदय में प्रवेश मिला। यहां से 12वीं करने के बाद हिमालयन संस्थान कालाअंब से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई की। फीस चुकाने के लिए मां ने कर्ज लिया।
कर्ज के पैसों से मनीषा भंडारी की नर्सिंग पूरी हुई। अब मनीषा भंडारी को उसकी मेहनत का फल मिला है। मनीषा ने नोर सेट फॉर परीक्षा उतीर्ण की है, उनका चयन एम्स में नर्सिंग अधिकारी के तौर पर हुआ है।
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मां के लिए घर बनाना और बहन की शादी सपना
मनीषा भंडारी का कहना है कि उसकी मां ने बड़े संघर्ष से उनको पाला-पोसा है। उसका सपना सबसे पहले मां के लिए मकान बनाना है। इसके बाद वह अपनी बड़ी बहन नेहा की शादी करेंगी और छोटी भाई को कोई अच्छा सा कोर्स करवाएगी।
मनीषा भंडारी ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां सुनीता देवी और गुरूजनों को दिया है।
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