
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
27 जुलाई 2023

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के विभिन्न भागों में काहिका उत्सव में सालों पुराने दैवीय खेल का नजारा आज भी देखने को मिलता है। घाटी के खलाड़ा व भालठा में करीब 30 साल बाद यह उत्सव पूरे उत्साह से मनाया जा रहा है। दो दिन तक प्राचीन परंपराओं को निभाया जाएगा। गुरुवार को खलाड़ा में काहिका उत्सव के शुभारंभ पर वाद्ययंत्रों की थाप पर 60 फीट लंबी ध्वजा स्थापित की गई।
जिला मुख्यालय से छह किलोमीटर दूर भालठा में तीन दशक बाद काहिका उत्सव का आयोजन हो रहा है। काहिका उत्सव में देवता भालठी नारायण की शक्तियां देखने को मिलेंगी। मूर्छित हुए नड़ को देवता भालठी नारायण अपनी दैवीय शक्तियों से सचेत करेंगे। वहीं, पीपलागे में माता नैना का जाग उत्सव मनाया गया। जहां लोगों ने जलते अंगारों पर नृत्य किया गया। काहिका उत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग पहुंचे हैं।
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