
ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन
19 अप्रैल 2023

जिला कुल्लू के भुंतर स्थित कैंसर पीडि़त 7 वर्षीय आयुष्मान के इलाज के लिए दानियों द्वारा एकत्र किए धन पर एक चैरिटेबल संस्था ने जहां कुंडली जमा रखी है, वहीं खरीदे गए इंजेक्शन में घोटाला किया गया है। इसका खुलासा दिल्ली की एक समाजसेवी संस्था ने किया है और पुलिस से इस घोटाले के पर्दाफाश करने की गुहार लगाई है। घोटाला करने वाली संस्था जिला कुल्लू के कलेहली की बताई जा रही है।
इस संस्था ने पहले आयुष्मान के इलाज के फोटो, वीडियो सोशल मीडिया में जारी की और उसके इलाज के लिए दानियों से दान देने की गुहार लगाई। दिल्ली की इस संस्था का दावा है कि उक्त चैरिटेबल संस्था ने बहुत सारा धन आयुष्मान के इलाज के एकत्र किया और वह एकत्रित धन भी आयुष्मान के इलाज को अभी तक जारी नहीं किया है। यही नहीं आयुष्मान को जो इंजेक्शन बाहर से मंगाए जाने थे, उसमें भी घोटाला किया गया है।
डॉक्टरों ने जब इंजेक्शन मंगाने को कहा तो आयुष्मान के माता-पिता को समझ नहीं आ रही थी कि यह कैसे खरीदे जाएं और माता-पिता उक्त चैरिटेबल संस्था के संपर्क में थे। चैरिटेबल संस्था ने आयुष्मान के पिता को 11.39 लाख खाते में ट्रांसफर करने को कहा।
आयुष्मान के पिता ने यह धन राशि ट्रांसफर कर दी और चैरिटेबल संस्था ने 10 इंजेक्शन उनको खरीदकर दिए और 11.90 लाख का बिल भी थमाया, जबकि इन इंजेक्शनों की वास्तविक कीमत 8. 20 लाख है। दिल्ली की समाजसेवी संस्था ने इस विषय पर जब दवाई विक्रेता से बात की तो पता चला कि असली बिल 8.20 लाख का है, जबकि चैरिटेबल संस्था दवाई विक्रेता से नकली बिल 11.90 लाख का बनाकर ले गए हैं। दिल्ली की उक्त संस्था के पास यह दोनों बिल उपलब्ध है।
एकत्र धन राशि पर भी जमाई कुंडलीदिल्ली की संस्था ने दावा किया है कि कलेहली की इस चैरिटेबल संस्था के खाते में आयुष्मान के इलाज के लिए लाखों रुपए एकत्र हुए हैं, लेकिन वह आयुष्मान के इलाज को अभी तक नहीं दिए गए। इसके अलावा चैरिटेबल संस्था ने कई स्कूलों व अन्य लोगों के पास जाकर भी धन एकत्र किया है। वह धन भी इलाज को नहीं दिया गया है।
आयुष का पीजीआई चंडीगढ़ में होना है बोन मैरो ट्रांसप्लांटभुंतर का 7 साल का आयुष्मान जहां कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है, वहीं अब उसे इलाज के लिए 50 लाख रुपए की आवश्यकता है। उसका पीजीआई चंडीगढ़ में बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया जाना है और तुर्की से इस इलाज के लिए इंजेक्शन मंगवाया जाना था, लेकिन परिजन इतना खर्च करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में अब आयुष्मान के इलाज के लिए परिजनों को निगाहें समाज सेवी संस्थाओं पर टिकी हुई हैं। बीते दिन काफी समाजसेवी संस्थाएं और समाजसेवी मदद को आगे आए, लेकिन ऐसी भी संस्था सामने आई है, जिसने कैंसर पीडि़त बच्चे के इलाज के धन पर ही घोटाला किया है।
निजी स्कूल में प्रिंसिपल हैं आयुष्मान के पिताआयुष्मान के पिता प्रमोद शर्मा शाड़ाबाई के एक निजी स्कूल में प्रिंसिपल है। उनका बेटा आयुष्मान शर्मा 7 साल का है, जो तीसरी क्लास में न्यू ईरा मॉडर्न स्कूल में पढ़ता है। वहीं आयुष्मान के कैंसर का इलाज दो वर्षों से पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है।
कलेहली की चैरिटेबल संस्था ने आयुष्मान के इलाज में लगने वाले इंजेक्शनों में 3.39 लाख का घोटाला किया है। यही नहीं इस संस्था के पास आयुष्मान के इलाज के लिए जो धन एकत्र हुआ है, उस पर भी कुंडली जमा रखी है, जबकि आयुष्मान के इलाज के लिए धन की बेहद आवश्यकता है।
उधर, कलेहली की चैरिटेबल संस्था के पदाधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि वह जल्द ही सारा रिकॉर्ड तथ्यों के साथ पेश किया जाएगा। वहीं डीएसपी कुल्लू राजेश ने बताया कि इस संदर्भ में पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
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