
कुल्लू –
तीसरे कुल्लू साहित्य उत्सव प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शुक्रवार को समन्वयक डॉ निरंजन देव शर्मा ने कहा कि हिमतरु प्रकाशन समिति तथा कुल्लू साहित्य उत्सव समिति , कुल्लू प्रशासन के सहयोग से तीसरे कुल्लू साहित्य उत्सव का आयोजन 27, 28 फरवरी और 1 मार्च को कर रहे हैं।
इस उत्सव का केंद्रीय विषय पर्यावरण पहाड़ और साहित्य रहेगा।यह साहित्य उत्सव कई मायनों में देश में होने वाले साहित्य उत्सवों से अलग है। इस उत्सव में युवाओं की भागीदारी इसे विशेष बनाती है। कुल्लू के लगभग हर महाविद्यालय से साठ के करीब छात्र इस तीन दिवसीय आयोजन में शिरकत करेंगे। तीसरे दिन का युवा संवाद युवाओं पर ही आधारित होगा । देश और प्रदेश के नामी और वरिष्ठ साहित्यकार भी इस आयोजन में शामिल होंगे जिनमें मुंबई से अनूप सेठी और सुमनिका सेठी , चम्बा से पर्यावरणविद रतन चंद , दिल्ली से प्रो मिलाप चंद तथा बंजार से से वरिष्ठ साहित्यकार प्रो वरयाम सिंह तथा मंडी से रेखा वाशिष्ठ शामिल होंगे। कुल्लू और लाहुल के प्रमुख रचनाकार भी बड़ी संख्या में इस उत्सव में शामिल होंगे। देश के चार नामी प्रकाशकों की भागीदारी उत्सव में रहेगी। आधार , न्यू वर्ल्ड , नवारूण तथा हंस प्रकाशन साहित्य तथा अन्य विषयों की पुस्तकों के स्टाल लगाएंगे। रमेश पठानिया द्वारा संपादित हिमतरु के महिला कहानी विशेषांक का लोकार्पण भी इस अवसर पर किया जाएगा। इस आयोजन का एक मुख्य आकर्षण दो सत्रों में चलने वाली कविता सांझ पर केन्द्रित होगा।
हिमतरु प्रकाशन समिति के अध्यक्ष रमेश पठानीया ने कहा -चित्रकला प्रदर्शनी इस उत्सव का अन्य आकर्षण रहेगी। इस प्रदर्शनी में युवा चित्रकारों सहित संजू पॉल , ईशिता आर गिरीश , कृष्णा टशी पाल्मो तथा रमेश पठानिया के चित्रों की प्रदर्शनी इस आयोजन का आकर्षण रहेंगे। इसी साथ उन्होंने कहा कि निरंजन देव शर्मा के उपन्यास बाज़ार पर भी एक चर्चा सत्र रहेगा।उन्होंने कुल्लू के प्रबुद्ध समुदाय द्वारा इस उत्सव को कामयाब बनाने के लिए दिए गए सहयोग के लिए भी आभार प्रकट किया।
कुल्लू से ब्यूरो सुशांत शर्मा कि रिपोर्ट





