गोबिंद सागर झील के किनारे होने वाली अवैध डंपिंग मत्स्य उत्पादन को खतरा

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

5 मार्च 2023

मंडी-भराड़ी से रघुनाथपुरा तक बन रहे टू लेन से निकल रहे मलबे को सड़क के किनारे व मंडी भराड़ी के आसपास गोबिंद सागर झील व सहायक नालों में हुई डंपिंग की पुष्टि उप निदेशक मत्स्य बिलासपुर ने अपने कार्यालय की पत्र संख्या 13914 में की है।

फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल को संबोधित पत्र में अधिकारी ने अवगत करवाया कि उनकी शिकायत के आधार पर मौका जांच करवाई गई। जांच के बाद पाया गया कि 13 फरवरी को निरीक्षण के दिन गोबिंद सागर झील में कोई डंपिंग नहीं हो रही थी। लेकिन सड़क के किनारे मिट्टी डंप की गई थी। पाया गया कि निरीक्षण से पहले मंडी भराड़ी व इसके आसपास के क्षेत्र गोबिंद सागर व सहायक नालों में डंपिंग हुई है जिससे कि मत्स्य प्रजनन के प्राकृतिक स्थान प्रभावित हो सकते हैं। फोरलेन समिति के महासचिव मदन लाल ने कहा कि समिति उपरोक्त जांच से संतुष्ट नहीं है। कहा कि तहसील श्री नयना देवी जी के मुहाल मेहला, थापना, जब्बल, समलेटू, सुनण, क्यारियां, जंगल टाली, तुन्हु, पट्टा, ढलयार, मंडी-भराड़ी, तहसील झंडूता के मुहाल धराड़सानी, बैहलग, र,भंजवाणी, दडय़ाना, सन्नौर, मल्यावर, बलोह आदि के नालों, खड्डों तथा गोबिंद सागर झील के साथ फोरलेन सड़क निर्माण में बनाए गए पानी के टैंक, पुलों को बनाने के बाद उन्हें मिट्टी से भरकर उन्हें बंद किया गया है।

उन्होंने कहा कि समिति ने उप निदेशक मत्स्य से मिलकर आग्रह किया कि समिति की शिकायत पर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि मत्स्य व मछुआरों को हो रहे नुकसान के साथ राष्ट्रीय धरोहर भाखड़ा बांध को भी भी बचाया जा सके। इस अवैध मलबा डंपिंग से जहां उपरोक्त विषयों की सुरक्षा होगी वहीं मछली के प्रजनन स्थलों की भी सुरक्षा होगी। वहीं झील के पानी के स्टोरेज को भी सुरक्षा मिलेगी।

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

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