
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
7 जुलाई 2023
जिला लाहौल-स्पीति में 14,000 फीट की ऊंची चंद्रताल झील का वेटलैंड्स इंटरनेशनल साउथ एशिया के तकनीकी टीम ने दौरा किया। टीम के साथ उपायुक्त लाहौल-स्पीति राहुल कुमार एवं वन मंडल अधिकारी अनिकेत वानवे भी शामिल रहे। उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञ अधिकारियों ने चंद्रताल झील की आर्द्रभूमि और वन्यजीव अभयारण्य की स्थिति, झील के चारों ओर के रास्ते, पानी की गुणवत्ता, मिट्टी और वनस्पति का निरीक्षण किया।
टीम में वेटलैंड्स इंटरनेशनल साउथ एशिया के तकनीकी अधिकारी अर्घ्य चक्रवर्ती, तकनीकी विशेषज्ञ, डॉ. प्रदीप वशिष्ठ, अपूर्वा थापा और सादान हुसैन मौजूद रहे। उन्होंने वाटर टेस्टिंग किट से वेटलैंड की परिधि के साथ चार स्थानों के पानी के नमूनों की भी जांच की। उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि नमूनों की में पता चला कि झील में पीएच की सीमा 8.7 पाई गई। घुलनशील ऑक्सीजन लगभग 0.45 पीपीएम और टीडीएस करीब 90 पीपीएम और पानी का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस पाया गया। फॉस्फेट और नाइट्रेट के विश्लेषण के लिए पानी के नमूने एकत्रित किए हैं। इसमें अधिकांश पैरामीटर में मानक सीमा के भीतर पाए गए और झील में प्रदूषण और विषाक्तता के संकेत नहीं पाए गए हैं। वहीं विशेषज्ञों ने जलग्रहण क्षेत्र की वनस्पति का आकलन करने के लिए क्वाड्रेट नमूनाकरण भी किया। जलीय जीवों में जोप्लांकटन और ब्राउन ट्राउट देखे गए। इसके साथ वन्यजीव अभयारण्य के साथ छह स्थानों से मिट्टी के नमूने भी एकत्र किए गए और मिट्टी में कार्बन के लिए परीक्षण किया जाएगा। तकनीकी विशेषज्ञों ने उपायुक्त के साथ विभिन्न नीतिगत सिफारिशों पर चर्चा की, जिन्हें निकट भविष्य में चंद्रताल के बेहतर उपयोग और संरक्षण के लिए अपनाया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि सिक्योर हिमालय प्रोजेक्ट के तत्वावधान में तकनीकी विशेषज्ञ द्वारा मूल्यांकन किया जा रहा है। इसमें कार्बन स्टॉक, बाढ़ बफरिंग, जल भंडारण और आपूर्ति, पशुधन के लिए चारा, पर्यटन और मनोरंजन के साधन भी शामिल हैं।
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