
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
27 मई 2024
जिले में बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल संकट से क्षेत्र के लोग जूझ रहे हैं। दूसरी ओर जल शक्ति विभाग की गिरि पेयजल योजना के पाइप में लीकेज से फव्वारे बन रहे हैं। इस लीकेज के कारण रोजाना हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। जबकि क्षेत्रों में सप्ताह में एक दिन पानी मिलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वाटर हैंबर न बने इसके लिए गिरि पेयजल योजना की सप्लाई में एक प्वाइंट पर छिद्र रखा हुआ है। लेकिन इन दिनों दो जगहों से पानी की लीकेज हो रही है।
वहीं, गर्मी भी लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों को अधिक पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। जिला मुख्यालय में भी इन दिनों पांचवें दिन लोगों को सप्लाई मिल रही है। जबकि साथ लगते धर्मपुर, कुमारहट्टी क्षेत्र में सातवें दिन पानी नसीब हो रहा है। जबकि कई क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां पर पानी की सप्लाई दो सप्ताह बाद भी हो रही है। लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। लेकिन प्राकृतिक जल स्रोत भी सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। वहीं पेयजल योजनाएं 31 फीसदी सूख चुकी हैं। जबकि कई योजनाओं में जल स्तर घट गया है। ऐसे में सोलन शहर समेत कुमारहट्टी, धर्मपुर और साथ लगते क्षेत्र पूरी तरह गिरि पेयजल योजना पर ही निर्भर हो चुके हैं।
शहर को एक करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता
सोलन शहर में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए रोजाना एक करोड़ लीटर पानी की आवश्यकता रहती है। लेकिन जल शक्ति विभाग की ओर से गिरि और अश्वनी पेयजल योजना से करीब 75 लाख लीटर पानी दिया जा रहा है। इस कारण शहर में पांचवें दिन सप्लाई हो रही है। रविवार सुबह तक शहर के मुख्य भंडारण टैंकों में करीब 75 लाख लीटर पानी पहुंचने पर डिग्री कॉलेज, साइंटिस्ट काॅलोनी, राजगढ़ रोड में पानी का आवंटन किया गया।
लीकेज ठीक करने के लिए लग जाएंगे छह घंटे
गिरि पेयजल योजना की पाइप में दो जगहों से पानी फव्वारा बनकर व्यर्थ बह रहा है। एक प्वाइंट को वाटर हैंबर न हो इसलिए रखा गया है। जबकि दूसरा प्वाइंट ठीक करने के लिए करीब छह घंटे का समय लग जाएगा। अगर किल्लत के दौरान मोटर को बंद कर पाइप को ठीक किया तो जल संकट और अधिक हो जाएगा। इससे लोगों को भी परेशान होना पड़ेगा।
नगर निगम आयुक्त एकता काप्टा ने बताया कि जल शक्ति विभाग की ओर से शहर के मुख्य भंडारण टैंकों में पानी पहुंचाने के बाद आवंटन किया जाता है। कोशिश की जा रही है कि शहर में समय पर लोगों को पानी की आपूर्ति मिले।
अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग सोलन आशीष राणा ने बताया कि गिरि पेयजल योजना में पाइपों में वाटर हैंबर न बने इसलिए एक जगह रखी गई है। इससे पानी के प्रैशर से पाइप डेमेज नहीं होगी। दूसरा प्वाइंट को ठीक करने के लिए मोटरों को बंद करना पड़ेगा। इसमें करीब छह घंटे का समय लग जाएगा। इस कारण अभी की स्थिति को देख ऐसा नहीं किया जा रहा है। जैसे ही पेयजल की स्थिति ठीक होती है तो लीकेज ठीक कर दी जाएगी। कोशिश की जा रही है कि सभी क्षेत्रों को पानी का आवंटन सही से हो।





