
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*
15 अक्तूबर 2024
दशहरा के मौके पर भी हिमाचल में भी खूब पटाखे फूटे। इस दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों को फूंककर लोगों ने सालों पुरानी रिवायत को निभाया, मगर इस रिवायत से पर्यावरण भी प्रदूषित हुआ है। ऐसे मौकों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एयर क्वालिटी की मॉनिटरिंग करता है, खासकर दशहरे व दीपावली के अवसर पर एयर क्वालिटी को मापकर यह देखा जाता है कि किस शहर में कितना अधिक प्रदूषण हुआ। इस बार भी प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के प्रदूषण पर विशेष ध्यान था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दशहरा के मौके पर प्रदेश के प्रमुख शहरों का एयर क्वालिटी इंडेक्स मापा है, जिसमें बद्दी की स्थिति सबसे खराब रही। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 102 रहा है। यह तय मापदंड से ज्यादा है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स 101 से 200 की रेंज में हो, तो इसमें सुधार की जरूरत मानी जाती है। जिन शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहतर रहा है, उनमें तीन शहर शिमला, धर्मशाला व सुंदरनगर हैं। शिमला का एयर क्वालिटी इंडेक्स 34, जबकि धर्मशाला में 41 और सुंदरनगर में 39 रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स यदि 51 से 100 के बीच रहता है, तो उसे बेहतर माना जाता है। प्रदेश के छह अन्य शहर ऐसे हैं, जिनका दशहरे के मौके पर एयर क्वालिटी इंडेक्स संतोषजनक रहा है। इनमें मनाली, ऊना, डमटाल, परवाणू, पांवटा साहिब व काला अंब हैं। मनाली में एक्यूआई 54 तक पाया गया है, जबकि ऊना में 67, डमटाल में 54, परवाणू में 61, पांवटा साहिब में 68 तथा काला अंब में 77 तक रहा है।
यह रहता है
51 से 100 के बीच एयर क्वालिटी इंडेक्स को संतोषजनक, वहीं 101 से 200 के बीच सुधार हुआ है





