
पच्छाद विधान सभा क्षेत्र के नैना टिक्कर संबंध रखने वाले ,न्यारा हिमाचल,समाचार पत्र के संपादक डा.भेखा नन्द वर्धन को पिछले 16वर्षों से पत्रकारिता जगत से जुड़े है।जिसके चलते इस क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 22फरवरी को नाहन में आयोजित शंखनाद मीडिया एवं सामाजिक संगठन के राज्य स्तरीय समारोह में उन्हें ,सिरमौर गौरव 2026, राज्यस्तरीय विशिष्ट सम्मान से नवाजा जाएगा । डॉ. भेखा नन्द वर्धन का मानना है कि सामाजिक सरोकारों तथा सार्वजनिक हित से जुड़कर ही पत्रकारिता सार्थक बनती है। सामाजिक सरोकारों को व्यवस्था की दहलीज तक पहुँचाने और प्रशासन की जनहितकारी नीतियों तथा योजनाओं को समाज के सबसे निचले तबके तक ले जाने के दायित्व का निर्वाह ही सार्थक पत्रकारिता है। वास्तव में पत्रकारिता को लोकतन्त्र का चौथा स्तम्भ भी कहा जाता है। पत्रकारिता ने लोकतन्त्र में यह महत्त्वपूर्ण स्थान अपने आप नहीं प्राप्त किया है बल्कि सामाजिक सरोकारों के प्रति पत्रकारिता के दायित्वों के महत्त्व को देखते हुए समाज ने ही दर्जा दिया है। कोई भी लोकतन्त्र तभी सशक्त है जब पत्रकारिता सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी सार्थक भूमिका निभाती रहे। सार्थक पत्रकारिता का उद्देश्य ही यह होना चाहिए कि वह प्रशासन और समाज के बीच एक महत्त्वपूर्ण कड़ी की भूमिका अपनाये। और यही कार्य कर रहे हैं सिरमौर से जुडे युवा पत्रकार डॉ भेखा नन्द वर्धन जो ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी लेखनी के दम पर खूब नाम कमा रहे हैं . सिरमौर जिला में पिछले कई वर्षो से अपनी लेखनी के माध्यम से समाज और सरकार के बीच जनहित के मुद्दों को बड़ी प्रमुखता से उठाते रहे हैं ,बड़े सौम्य और सरल स्वभाव के भेखा नन्द वर्धन पच्छाद की ग्राम पंचायत शादनाघाट़ के सिंबल गांव के निवासी है जो बेबाकी से जनहित के मुद्दों को अपनी पत्रकारिता में रखते हैं । नैना टिक्कर सिरमौर से न्यारा हिमाचल समाचार पत्र के डॉ. भेखा नन्द वर्धन का कहना है कि पत्रकारिता मेरा पेशा नहीं बल्कि समाज सेवा का साधन है । सिरमौर के ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को हमेशा अपनी लेखनी के केन्द्र बिन्दु में रखने वाले डॉ.भेखा नन्द वर्धन पत्रकारिता को जनसेवा का सबसे सार्थक माध्यम मानते हैं ,कलम के धनी डॉ भेखा नन्द वर्धन सदा से ही बड़े संघर्षों से जुझते रहे हैं और बड़ी विषम परिस्थितियों में निस्वार्थ पत्रकारिता कर रहे है।





