# प्रदेश भर में एक लाख क्विंटल से अधिक हुई धान की खरीद*

धान बेचने के लिए किसानों को पोर्टल पर अपना टोकन बुक करने को ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। इस साल धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 100 रुपये बढ़कर मिल रहा है।

टकारला में धान की फसल की जांच करते एपीएमसी के अधिकारी।

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

21 नवंबर 2022

प्रदेश में धान की खरीद प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। अभी तक एक लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है। विभिन्न खरीद केंद्रों में 3,141 किसानों ने फसल बेची है। प्रदेश के चार जिलों में बने 10 बिक्री केंद्रों में धान की खरीद की जा रही है। यह खरीद प्रक्रिया दिसंबर तक जारी रहेगी।

जानकारी के अनुसार ऊना जिले में धान की खरीद के लिए टकारला और टाहलीवाल में बिक्री केंद्र बनाए गए हैं। दोनों केंद्रों में 18 नवंबर तक 20,685 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। सोलन के दो बिक्री केंद्रों में सबसे अधिक 32,163 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। सिरमौर में तीन बिक्री केंद्र स्थापित किए हैं। यहां शुक्रवार तक 26,606 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। कांगड़ा में भी तीन केंद्रों में धान की खरीद चल रही है। कांगड़ा में सरकारी केंद्रों में 29,615 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। प्रदेशभर के कुल 3,141 किसान फसल बेच चुके हैं।

धान खरीद का कार्य प्रदेश सरकार की अधिकृत नोडल एजेंसी हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम समिति की ओर से किया जा रहा है। धान बेचने के लिए किसानों को https://hpappp.nic.in/ पोर्टल पर अपना टोकन बुक करने को ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। इस साल धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 100 रुपये बढ़कर मिल रहा है। सभी केंद्रों में धान की सफाई के लिए आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। खरीद प्रक्रिया पांच अक्तूबर से शुरू हुई थी और 31 दिसंबर तक चलेगी।

किसान इस बात का ध्यान रखें कि धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत रहे। इससे अधिक या कम नमी होने पर फसल को बेचने पहुंचे किसानों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में फसल बेचने से एक दो दिन पहले किसान बिक्री केंद्रों में नमी की जांच करवा लें। 

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