
#खबर अभी अभी बिलासपुर ब्यूरो*
21 जून 2024
सदर के विधायक त्रिलोक जमवाल ने वीरवार को बिलासपुर जिला मुख्यालय में हुई गोलीकांड की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, डीसी व एसपी आॅफिस तथा कोर्ट परिसर उसके बिल्कुल पास है। इसके बावजूद प्रशासन की नाक तले यह घटना होना हैरान करने वाला है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि इस घटना के पीछे पूर्व विधायक बंबर ठाकुर का हाथ है। शूटर उनके घर से आए थे और गोली चलाने के बाद उन्हीं के घर की ओर भाग निकले। स्थानीय लोगों ने एक आरोपी को उन्हीं के घर के बाहर से पकड़ा है। देवभूमि कहे जाने वाले हिमाचल जैसे शांत राज्य में कांग्रेस सरकार के राजनीतिक संरक्षण में दहशत पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि पूर्व विधायक को शुक्रवार तक गिरफ्तार नहीं किया गया तो शनिवार को शहर में चक्का जाम किया जाएगा। वहीं, इस घटना के विरोध में शाम के समय सदर मंडल भाजपा ने शहर में मशाल जलूस निकालकर प्रदर्शन भी किया।
त्रिलोक जमवाल ने कहा कि पूर्व विधायक बंबर ठाकुर शुरू से ही भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी और माफियाराज को संरक्षण तथा बढ़ावा देते रहे हैं। उन पर फोरलेन प्रोजेक्ट में लगभग 300 करोड़ रुपये का घोटाला करने के गंभीर आरोप कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेताओं ने लगाए थे। विधायक रहते वह कई अधिकारियों व कर्मचारियों को डराने-धमकाने के साथ उनसे मारपीट भी कर चुके हैं। बिनौला में एक ढाबे पर गोलीकांड में उनका नाम सामने आया था। डियारा सेक्टर में चिट्टा मामले में उनके बेटे की संलिप्तता के समय गंुडागर्दी का तांडव सभी ने देखा था। एसीसी के जीएम की गाड़ी रोककर उन्हें पिस्तौल दिखाकर धमकाया गया था। उन्होंने यह मामला विधानसभा में उठाया था, लेकिन मुख्यमंत्री ने जवाब दिया था कि पिस्तौल नकली थी। इससे पूर्व विधायक के हौसले बुलंद होते रहे।
त्रिलोक जमवाल ने कहा कि पूर्व विधायक अभी भी वह इससे बाज नहीं आ रहे हैं। बिलासपुर में रेलवे प्रोजेक्ट में उगाही और गाड़ियों के नाप-तोल के एवज में पैसे वसूलने में उनका नाम कई बार आ चुका है। इसी मसले को लेकर कुछ दिन पहले उनकी कुछ लोगों से मारपीट हुई थी। पूर्व विधायक ने जिन लोगों पर मारपीट के आरोप लगाए थे, वीरवार को उन्हीं में शामिल एक युवक को बाहर से आए स्पेशल शूटरों ने जान से मारने का प्रयास किया है। इसके पीछे सीधे तौर पर पूर्व विधायक का हाथ है। एसपी और एडीसी को तथ्यों के साथ ज्ञापन सौंपा गया है। इस घटना की गहन जांच करके दोषियों और उन्हें संरक्षण देने वालों को तुरंत गिरफ्तार करके उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी बेहद जरूरी है। यदि बंबर ठाकुर को शुक्रवार तक गिरफ्तार नहीं किया गया तो शनिवार को शहर में चक्का जाम किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार और प्रशासन जिम्मेदार होंगे।





