
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*
30 सितंबर 2024
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप लोकसभा में वित्त समिति के सदस्य बने। विभाग का गठन संसदीय स्थायी समितियों 2024-25 से संबंधित है। भारत की लोकसभा में वित्त संबंधी स्थायी समिति के पास कई शक्तियां हैं, जिनमें अनुदानों की मांगों की जांच, विधेयकों की जांच, वार्षिक रिपोर्ट की जांच, राष्ट्रीय नीति दस्तावेजों की जांच करना, सिफारिशें करना, अतिरिक्त व्यय या बचत को नियमित करना प्रमुख कार्य है। समिति मूल रूप से स्वीकृत राशि से अधिक या कम व्यय करने के औचित्य की जांच करती है। यह किसी भी अतिरिक्त व्यय को नियमित करने के तरीके पर सिफारिशें करती है।
सदन द्वारा डी.एफ.जी. और विधेयकों पर विचार करते समय समिति की सिफारिशों पर विचार किया जाता है। समिति की सिफारिशों को सुविचारित सलाह के रूप में माना जाता है। समिति राष्ट्रीय बुनियादी दीर्घकालिक नीति दस्तावेजों पर विचार करती है जिन्हें लोकसभा अध्यक्ष या राज्य सभा के सभापति द्वारा संदर्भित किया जाता है। समिति मंत्रालयों और विभागों की वार्षिक रिपोर्ट पर विचार करती है। समिति निगरानी मंत्रालयों से संबंधित विधेयकों की जांच करती है, जिन्हें लोकसभा अध्यक्ष या राज्यसभा के सभापति द्वारा उसके पास भेजा जाता है। समिति अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मंत्रालयों और विभागों की अनुदानों की मांगों (डीएफजी) पर विचार करती है। यह प्रत्येक मंत्रालय की डीएफजी पर अलग-अलग रिपोर्ट तैयार करती है और उन्हें सदन में प्रस्तुत करती है।





