
मंडी, 03 जून। भूकंप जैसी आपदा से निपटने के लिए आगामी 06 जून को आयोजित किए जा रहे राज्य स्तरीय वृहद पूर्वाभ्यास (मेगा मॉक एक्सरसाइज) की तैयारियों पर आज वर्चुअल टेबल टॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। इसमें उपायुक्त अपूर्व देवगन सहित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्यों ने उपायुक्त कार्यालय के वीसी कक्ष से वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
टेबल टॉप एक्सरसाइज का शुभारंभ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) सैयद अता हसनैन ने किया। एनडीएमए के सलाहकार मेजर जनरल (रि.) सुधीर बहल ने इसकी विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। शिमला से निदेशक एवं विशेष सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) डी.सी. राणा ने प्रदेश की तैयारियों पर अपना प्रस्तुतिकरण दिया।
मेजर जनरल बहल ने कहा कि आपदा प्रबंधन किसी एक व्यक्ति या विभाग का कार्य नहीं है, बल्कि इसमें सामूहिक सहभागिता जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य सभी हितधारकों को एक मंच पर लाकर भूकंप जैसी आपदाओं का सामना करने के लिए उनकी क्षमताओं और तैयारी को परखना तथा उनमें वृद्धि करना है। यह मॉक ड्रिल आईआरएस यानी घटना प्रतिक्रिया प्रणाली के तहत संचालित की जाएगी। यह एक ऐसी प्रणाली है, जिसे अपनाकर प्रभावी तरीके से आपदाओं का सामना किया जा सकता है। आईआरएस में सभी अधिकारियों तथा विभागों की कर्तव्य एवं दायित्वों का स्पष्ट निर्धारण किया गया है।
उपायुक्त अपूर्व देवगन ने मंडी जिला में इस पूर्वाभ्यास को लेकर की गई तैयारियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि संभावित आपदा के दौरान समय पर प्रतिक्रिया सबसे महत्वपूर्ण है। भूकंप जैसी आपदा में भवनों, सड़कों व अन्य अधोसंरचना को नुकसान के अतिरिक्त भूस्खलन, आग लगने की घटनाओं के दृष्टिगत मलबे को हटाना और प्रभावितों की निकासी कर उन्हें समुचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाना प्राथमिकता रहती है। लोगों को आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों एवं सुरक्षा उपायों के बारे में निरंतर जागरूक किया जा रहा है। सचेत एप एवं गूगल पर उपलब्ध चेतावनी प्रणाली को सक्रिय कर समय पर आपदाओं के बारे में संदेश प्राप्त कर सकते हैं।
अपूर्व देवगन ने बताया कि 6 जून, 2025 को होने वाले वृहद पूर्वाभ्यास की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। जिला मुख्यालय सहित उपमंडल स्तर पर भी यह पूर्वाभ्यास किया जाएगा। पूर्वाभ्यास में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के अलावा आपदा मित्रों, एनएसएस स्वयंसेवियों, नेहरू युवा केंद्रों, गृह रक्षक, विभिन्न गैर सरकारी व स्वयं सेवी संगठनों को भी शामिल किया जाएगा। इस दौरान भूकंप से विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, आवासीय व व्यापारिक परिसरों एवं स्वास्थ्य संस्थानों सहित सड़कों, भवनों एवं सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान के उपरांत राहत व बचाव कार्यों का पूर्वाभ्यास किया जाएगा।
उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से प्रदत्त जिम्मेदारियों एवं कर्तव्यों का बखूबी निर्वहन करें। पूर्वाभ्यास में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में प्रयुक्त होने वाली मशीनरी, मानव संसाधन सहित विभिन्न संचार व अन्य उपकरणों के समुचित प्रयोग की परख भी की जाएगी।
आज के इस टेबल टॉप पूर्वाभ्यास में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों, सशस्त्र सेना, भारत-तिब्बत सीमा सुरक्षा बल सहित प्रदेश स्तर पर गठित आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे।
उपायुक्त वीसी कक्ष में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी डॉ. मदन कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर चंद्र सहित प्राधिकरण से जुड़े अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।





