
खबर अभी अभी ब्यूरो सोलन
2 मार्च 2023

हिमाचल में रामपुर के पिथ्वी गांव में जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले के पदगामपोरा में शहीद हुए जवान पवन धंगल का अंतिम संस्कार हो गया हैं। श्मशानघाट में सेना के जवानों ने 6 तोपों की सलामी के बीच राजकीय सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी। इस मौके पर पूर्व ठियोग के विधायक राकेश सिंघा, SDM सुरेंद्र मोहन, DSP चंद्र शेखर सहित अन्य लोग शामिल रहे।
गुरुवार को चंडीगढ़ से रामपुर पहुंचा। पिथ्वी गांव स्थित श्मशानघाट को भारतीय सेना द्वारा विशेष रूप से सजाया गया था। रामपुर से लेकर किन्नू पंचायत के पिथ्वी गांव तक जगह जगह सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से शहीद पवन को अंतिम विदाई दी।
जगह जगह लोगों ने फूलमालाओं से देश के लिए कुर्बान हुए जवान को श्रद्धांजलि दी। रामपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर पिथ्वी गांव में शहीद की पार्थिव देह दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर पहुंची। जवान का शव गांव पहुंचते ही स्थानीय लोग, शहीद के परिवार और रिश्तेदार भावुक हो गए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद प्रतिभा सिंह ने आज सुबह रामपुर परगना के शहीद पवन के गांव पिथ्वी में उनके घर जाकर उनके पिता शिवपाल व माता भजन देवी से मिल कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने शहीद पवन के छाया चित्र पर अपने श्रद्धा सुमन भी अर्पित किए। इस दौरान उनके साथ रामपुर के विधायक नंद लाल,जिला परिषद की अध्यक्ष चंद्र प्रभा नेगी के अतिरिक्त कई अन्य प्रबुद्ध लोग साथ थे।
प्रतिभा सिंह ने शोकाकुल परिवार को अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पवन की शहादत ने देश की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देकर कर इस क्षेत्र का नाम शूरवीरों की सूची में दर्ज कर दिया है। उन्होंने कहा कि देश को उनकी शहादत पर गर्व है और इस दुख की घड़ी में पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है।
शहीद जवान की अंतिम यात्रा को देख कर सभी की आंखें नम हो गई। सेना के जवानों ने शहीद पवन का शव उसके घर तक पहुंचाया। यहां जवान का इंतजार कर रही पवन की मां भजन दासी और बहन प्रतिभा जोर जोर से रोने बिलखने लगी। घर से जब जवान की अर्थी उठी तो सभी जोर जोर से रोने लगे और पवन कुमार अमर रहे के नारों से समूचा क्षेत्र गूंज उठा। स्थानीय परंपरा के अनुसार बजंतरियों ने उल्टा बाजा बजाकर शहीद को अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचाया।
स्कूली बच्चों और कॉलेज स्टूडेंट्स ने जवान को श्रद्धांजलि दी। रामपुर शहर से गांव तक जवान को जगह-जगह श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। वहीं परिजनों ने भी शहीद जवान के आखिरी दर्शन किए। पूरा गांव शहीद को श्रद्धांजलि देने उमड़ा।
राजकीय सम्मान के साथ पवन को अंतिम विदाई दी जाएगी। अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं। इस मौके पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एवं लोक सभा सांसद प्रतिभा सिंह, स्थानीय विधायक नंद लाल सहित स्थानीय प्रशासन एवं आर्मी के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। बुधवार शाम को पवन का पार्थिव शरीर जम्मू कश्मीर से चंडीगढ़ लाया गया।
SDM सुरेंद्र मोहन ने बताया कि 55 राष्ट्रीय राइफल्स ग्रेनेडियर्स के सिपाही पवन ने दक्षिण कश्मीर के अवंतीपोरा पुलवामा में एक मुठभेड़ में अपना बलिदान दिया है। 26 वर्षीय पवन 2015 में सेना में भर्ती हुआ था। पवन घर का इकलौता चिराग था। पिता शिशुपाल लोक निर्माण विभाग में कार्यरत हैं। जबकि माता भजन दासी गृहिणी हैं। बहन प्रतिभा की शादी हो चुकी है।
जनवरी में पवन के चचेरे भाई की मौत हो गई थी। इस दौरान वह छुट्टी पर घर आया था। 7 फरवरी को ही पवन ड्यूटी के लिए वापस लौटा था। इस दौरान उसने जल्द छुट्टी पर आने की बात कही थी, लेकिन उसे क्या पता था कि अब वह कभी घर वापस नहीं लौटेगा। पवन का पार्थिव शरीर अब अंतिम बार तिरंगे में लिपटकर गांव पहुंचेगा।
खबर अभी अभी ब्यूरो सोलन





