#राजधानी में खत्म होगी लो प्रेशर की समस्या*

#खबर अभी अभी  शिमला  ब्यूरो*

12 अक्टूबर 2022

#राजधानी में खत्म होगी लो प्रेशर की समस्या*

Low pressur water problem resolved soon

राजधानी में खत्म होगी लो-प्रेशर की

समस्या, सबको मिलेगा बराबर पानी

शहर में बिछने वाली नई पेयजल लाइनों में लगेंगे आटोमेटिक प्रेशर वाल्व
हर पाइपलाइन में बराबर प्रेशर से जाएगी सप्लाई
हर कनेक्शन पर 12 मीटर तक का मिलेगा प्रेशर
अशोक चौहान
शिमला। राजधानी के हजारों पेयजल उपभोक्ताओं को अब पानी के कम प्रेशर की शिकायत नहीं रहेगी। इसके लिए शहर में बिछने वाली सभी नई पेयजल लाइनों में आटोमेटिक प्रेशर वाल्व लगाए जाएंगे। इन वाल्व से सभी पाइप लाइनों में एक समान प्रेशर से पानी की सप्लाई होगी।
राजधानी में पहली बार पेयजल लाइनों में इस तरह के वाल्व का इस्तेमाल किया जाएगा। दावा है कि इससे हर कनेक्शन पर करीब 12 मीटर ऊंचाई तक पानी चढ़ाने का प्रेशर बनेगा। अभी शहर में एक बराबर प्रेशर देने की कोई पुख्ता तकनीक नहीं है। इसके चलते शहर के कई इलाकों में कम प्रेशर की शिकायतें आती हैं। एक समान प्रेशर न होने से किसी को ज्यादा तो कई उपभोक्ताओं को कम पानी मिलता है। जलसंकट के दिनों में कम प्रेशर के चलते सैकड़ों उपभोक्ताओं की टंकियां खाली रह जाती हैं।

शहर के मालरोड और मिडल बाजार से लेकर उपनगरों तक से इसकी शिकायतें आती हैं। कम प्रेशर के चलते कई जगह लोगों को टुल्लू पंप लगाकर ग्राउंड फ्लोर से भवन की छत पर पानी चढ़ाना पड़ता है। अब विश्वबैंक प्रोजेक्ट के तहत शहर में 24 घंटे पानी की सप्लाई देने के लिए बिछ रही नई लाइनों में यह वाल्व लगाए जाएंगे। कंपनी के अनुसार करीब 683 करोड़ रुपये से शहर में करीब 250 किलोमीटर लंबी नई पेयजल लाइनें बिछनी हैं। छोटी लाइनों की जगह बड़े आकार की पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी। इसके अलावा तकरीबन सभी वार्डों में अलग अलग स्टोरेज टैंक भी बनाए जाने हैं। इससे भी पानी का प्रेशर बढ़ जाएगा। कंपनी जल्द ही इसका टेंडर कॉल करने जा रही है। 2025 तक शहर में इस प्रोजेक्ट का काम पूरा होना है।

शहर में 35 हजार पेयजल उपभोक्ता
शहर में 35 हजार पेयजल उपभोक्ता हैं। इनमें 25 हजार घरेलू जबकि बाकी 10 हजार व्यावसायिक और निर्माण के कनेक्शन हैं।
खत्म होगी प्रेशर की समस्या
राजधानी के कई इलाकों से चल रही पानी के कम प्रेशर की शिकायत अब दूर होगी। इसके लिए पेयजल लाइनों में आटोमेटिक प्रेशर वाल्व लगाए जाएंगे। यह हर लाइन में बराबर प्रेशर बनाए रखेंगे। इससे हर कनेक्शन पर एक समान पानी की सप्लाई मिलेगी।
-सुमित सूद, एजीएम शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड कंपनी

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