राज्य में सैकड़ों सड़कें, जलापूर्ति योजनाएं व बिजली ट्रांसफार्मर ठप

#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*

18 जुलाई 2023

Himachal weather rains update: Hundreds of roads, water supply schemes and electricity transformers stalled, h

हिमाचल प्रदेश में मानूसन की बारिश से तबाही जारी है। जगह-भूस्खलन के चलते राज्य में सैकड़ों सड़कें, जलापूर्ति योजनाएं व बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार प्रदेश में भारी बारिश से 4636 करोड़ रुपये की सरकारी व निजी संपत्ति तबाह हो चुकी है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार राज्य में मंगलवार सुबह 10:00 बजे तक पांच नेशनल हाईवे सहित 647 सड़कें यातायात के लिए बाधित थीं।

सबसे ज्यादा शिमला जिले में 244 व कुल्लू में 136सड़कें ठप हैं। राज्य में 1,115 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं। वहीं, 543 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित चल रही हैं। कुल्लू में 529, मंडी 224 व  सिरमौर में 121 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। संबंधित विभाग लगातार सड़क, बिजली व पेयजल आपूर्ति बहाली के लिए कार्य कर रहे हैं लेकिन बार-बार हो रहा भूस्खलन बहाली कार्य में बाधा बन रहा है।

भारी बारिश से ननखड़ी-पांडाधार सड़क का 50 मीटर हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया है। वहीं, भूस्खलन के बाद यहां एक कार अनियंत्रित होकर खड्ड में गिर गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। भूस्खलन के चलते ननखड़ी तहसील की 18 पंचायतों का रामपुर और शिमला दोनों से सड़क संपर्क कट गया है। यातायात ठप होने से हजारों लोगों को  परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

 मौसम विभाग ने चार दिनों तक राज्य के कुछ हिस्सा में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार मैदानी, मध्य व उच्च पर्वतीय जिलों के कई भागों में 18,19,21 व 22 जुलाई तक भारी बारिश का येलो अलर्ट है। राज्य में 24 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
जिला कुल्लू में बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान से अभी तक भी दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं।  जिला कुल्लू की रघुपुर घाटी में दस दिनों से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। तीन पंचायतों के लोगों को जरूरी काम के लिए नौ किलोमीटर तक पैदल सफर कर बस पकड़नी पड़ रही है।  मंडी से पंडोह नेशनल हाईवे छ मील पर दोबारा भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। इससे बड़ा हादसा होने का खतरा लगातार बना हुआ है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि पहले इन सभी चट्टानों व पत्थरों व अटके हुए मलबे को हटाकर नेशनल हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित बनाया जाएगा। इसके लिए नेशनल हाईवे मंगलवार पूरा दिन और संभवतया बुधवार को भी कार्य पूरा होने तक बंद ही रखा जाएगा। मंडी पुलिस के अनुसार ट्रैफिक को वाया चैलचौक व कटोला चलाया जा रहा है।

#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*

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