वन अनुसंधान संस्थान-वन विभाग मिलकर कम करें वन समस्याएं

#खबर अभी अभी कांगड़ा ब्यूरो*

20 सितंबर 2024

प्रशिक्षण केंद्र जाच्छ में वैज्ञानिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यातिथि डीएफओ नूरपुर अमित शर्मा ने दिया जोर। क्षेत्रीय बागबानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र जाच्छ (नूरपुर) में गुरुवार को हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान शिमला द्वारा नूरपुर वन मंडल के वन अधिकारी, कर्मचारियों एवं फील्ड स्टाफ को नर्सरी एवं प्लांटेशन में शीशम के प्रबंधन हेतु एकीकृत दृष्टिकोण पर वैज्ञानिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में डीएफओ नूरपुर अमित शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की, जबकि क्षेत्रीय बागबानी अनुसंधान एंव प्रशिक्षण केंद्र जाच्छ के सह निदेशक डा. विपिन गुलेरिया ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।

इस मौके पर डा. अश्वनी तपवाल वरिष्ठ वैज्ञानिक हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान शिमला और उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक ने मुख्यातिथि व विशिष्ट अतिथि का स्वागत किया। यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से शीशम को हानि पहुंचाने वाले रोगों और रोगजनकों के प्रबंधन एवं क्लोनल प्रोपेगेशन द्वारा शीशम की पौधशाला तैयार करने पर जागरूकता पैदा करने पर केंद्रित था। कार्यक्रम के मुख्यातिथि डीएफओ नूरपुर अमित शर्मा ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि समय रहते वनों व पौधशाला में रोगों की पहचान करने से भविष्य में उनके द्वारा होने वाले प्रकोपों से बचा जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों को पौध रोगों के निवारण हेतु पर्यावरण हितैषी प्रबंधन की सलाह दी। उन्होंने भविष्य में भी हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान व वन विभाग मिलकर वन सबंधी समस्या पर कम करने पर जोर दिया। डा. तपवाल ने बताया पेड़-पौधों पर बीमारी करने वाले कवक/ फफूंूद वन पारिस्थितिक तंत्र के लिए एक गंभीर खतरा है,

Share the news