

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
11 नवंबर 2022
हमीरपुर के विधानसभा क्षेत्रों के लिए पोलिंग पार्टियां रवाना
एनडीआरएफ की 14वीं बटालियन के कर्मी तैनात
एनडीआरएफ की 14वीं बटालियन मुख्यालय जसूर (नूरपुर) के 748 कर्मी क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र (आरआरसी) नालागढ़ के 93 कर्मी, आरआरसी मंडी से 103 कर्मी, आरआरसी रामपुर के 91 कर्मियों को भी आपदा प्रबंधन योजना के तहत उनके संबंधित क्षेत्रों में तैनात किया जा सकता है। एसडीआरएफ के मुख्यालय शिमला से तीन कर्मी, जुन्गा से 31, पंडोह से 57 और सकोह (कांगड़ा) से 70 कर्मियों को उनके संबंधित क्षेत्रों में तैनात किया जा सकता है।
विधानसभा चुनाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात
विधानसभा चुनाव के चलते राज्य आपदा प्रबंधन ने अप्रिय घटना व प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के 50 कर्मियों को लाहौल-स्पीति और चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्रों में तैनात किया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि जिला मुख्यालय चंबा और पांगी में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के दस-दस कर्मी, जिला मुख्यालय लाहौल-स्पीति, काजा और उदयपुर में दस-दस कर्मचारियों की तैनाती की है।
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413 प्रत्याशी चुनाव मैदान में
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए हिमाचल प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 413 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। 12 नवंबर को होने वाले चुनाव में इनके भविष्य का फैसला होगा। प्रदेश भर में 7,881 मतदान केंद्रों में मतदान होगा। 8 दिसंबर को नतीजे घोषित होने हैं।
एक पीठासीन अधिकारी, तीन मतदान कर्मी रहेंगे तैनात
राज्य निर्वाचन विभाग की ओर से मतदान केंद्रों में एक पीठासीन अधिकारी और तीन मतदान कर्मचारी तैनात रहेंगे। इसके अलावा मतदान केंद्रों में केंद्रीय सुरक्षा और हिमाचल पुलिस के जवान तैनात रहेंगे।
पोलिंग पार्टियों को ले जाने के लिए लगाईं 825 बसें
पोलिंग पार्टियों को मतदान केंद्रों तक ले जाने के लिए राज्य निर्वाचन विभाग ने 825 बसें लगाई हैं। सड़क तक बसें कर्मचारियों को ले जाएगी। इसके बाद इन्हें ठहराव स्थान व मतदान केंद्रों तक पैदल जाना होगा।
शराब की बिक्री रहेगा प्रतिबंध, सीमाएं सील
चुनाव प्रचार संपन्न होने के साथ ही गुरुवार से दूरदराज के इलाकों में पोलिंग पार्टियां रवाना होना शुरू हो गई हैं। वहीं, 10 नवंबर शाम 05:00 बजे से 12 नवंबर की शाम 05:00 बजे तक शराब की बिक्री पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।चुनाव को प्रभावित करने वाली कोई भी सामग्री प्रदेश में बाहरी राज्यों से न पहुंच सके, इसके लिए प्रशासन ने प्रदेश की सीमाएं पूरी तरह सील कर दी हैं। गुरुवार को भाजपा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रचार किया, जबकि कांग्रेस के लिए पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, भूपेश बघेल, सचिन पायलट, राजीव शुक्ला मैदान में उतरे।
हिमाचल में चुनाव प्रचार का शोर थमा, अब डोर टू डोर जाएंगे प्रत्याशी
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार शाम 5:00 बजे से प्रचार का शोर थम गया है। अब प्रचार थमने के बाद मतदान के दिन से पहले तक सभी प्रत्याशी तीन समर्थकों के साथ बिना किसी शोर-शराबे के डोर टू डोर संपर्क करेंगे। इसी के साथ ही संबंधित विधानसभा क्षेत्र में मौजूद गैर मतदाता स्टार प्रचारकों और राजनीतिक हस्तियों का बाहर जाना शुरू हो गया है।
प्रचार के अंतिम दिन सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से लेकर निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकी। उधर, साइलेंट प्रचार के दौरान मतदाताओं को किसी भी तरह के प्रलोभन या भय के जरिये प्रभावित करने की कोशिशों पर अंकुश लगाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी चुनाव वाले जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और रिटर्निंग अधिकारियों के अलावा ऑब्जर्वरों को विशेष निगरानी करने और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
विधानसभा चुनाव के लिए कल होगा मतदान, 55 लाख वोटर तय करेंगे प्रत्याशियों का भविष्य
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर गुरुवार शाम पांच बजे से प्रचार का शोर थम गया है। कल पूरे प्रदेश में मतदान होगा। वहीं, जिला कांगड़ा में 13 नवंबर तक लिए धारा-144 लगा दी गई है। अब एक साथ पांच से ज्यादा लोग एकत्रित नहीं हो सकेंगे।
कांगड़ा जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के उद्देश्य से धारा-144 के अंतर्गत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए कांगड़ा जिले में एक साथ 5 से अधिक लोगों के एकत्रित होने, साथ चलने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा अवैध तरीके से इकट्ठे होने और जन सभाओं को भी प्रतिबंधित किया गया है। यह प्रतिबंध 10 नवंबर को सायं 5 बजे से 13 नवंबर सायं 5 बजे तक लागू रहेगा। हालांकि ये आदेश आर्म्ड, पैरा मिलिट्री फोर्स, गृह रक्षकों, पुलिस के जवानों, राष्ट्रीयकृत और शेड्यूल कामर्शियल बैंकों के गार्ड्स सहित कानून व्यवस्था में तैनात अन्य कर्मियों पर लागू नहीं होंगे। चुनाव को लेकर अंतिम 48 घंटों में घर-घर प्रचार पर कोई पाबंदी नहीं है।





