विपक्ष के हंगामे के बीच RDG पर संकल्प प्रस्ताव पास, 3 दिन के कामकाज के बाद बजट सत्र पर ब्रेक

शिमला। हिमाचल का राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बहाल करने के लिए लड़ाई अब अगले स्तर पर चली गई है। बुधवार को बजट सत्र के तीसरे दिन आरडीजी पर सरकार की ओर से लाए गए संकल्प प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिया। चर्चा में पेश किए गए आंकड़ों का विपक्षी दल भाजपा ने विरोध किया और सदन के वेल में आकर नारेबाजी भी की। इसी नारेबाजी के बीच ध्वनिमत से सत्ता पक्ष ने इस संकल्प प्रस्ताव को पारित कर दिया। हालांकि इस सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो सकी है। संकल्प प्रस्ताव के जरिए केंद्र सरकार से हिमाचल का राजस्व घाटा अनुदान बहाल रखने की मांग की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल 10 हजार करोड़ का झटका हिमाचल को लगेगा और एक बार यह ग्रांट अगर बंद हो गई, तो भविष्य में कभी नहीं मिलेगी।

संकल्प प्रस्ताव पारित होने के बाद इसे भारत सरकार को भेजा जाएगा। इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री शिमला से श्रीनगर जा रहे हैं। वह सेब इंपोर्ट ड्यूटी के कारण पडऩे वाले प्रभाव पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात करेंगे। श्रीनगर से ही मुख्यमंत्री दिल्ली चले जाएंगे। दिल्ली में शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े से हिमाचल का पूरा मंत्रिमंडल मिलेगा। कैबिनेट कांग्रेस हाईकमान के सामने राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के बाद की परिस्थितियों को रखेगी और भारत सरकार में यह मामला उठाने का आग्रह भी करेगी। इसके लिए राज्य के पास क्या कानूनी विकल्प हैं, इस पर भी बात होगी।

विधानसभा में संकल्प प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा के नेताओं ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर राजस्व घाटा अनुदान बंद करने के लिए भारत सरकार से मांग करने का आरोप लगाया था। संभव है इस बारे में भी राहुल गांधी के साथ होने वाली बैठक में चर्चा की जाए। पहले तीन दिन का बजट सत्र इस संकल्प प्रस्ताव के पारित होने के साथ ही खत्म हो गया है। सेशन में अब ब्रेक रहेगी और 18 मार्च दोपहर बाद 12 बजे से दोबारा से बजट सत्र शुरू होगा। यह घोषणा सदन में स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने की। 17 मार्च को भारत सरकार केंद्रीय बजट को पारित करेगी। इसके साथ ही 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों को लेकर भी स्थिति साफ हो जाएगी। इससे पहले क्या हिमाचल की ओर से ग्रांट को बहाल किए जाने के लिए उठाई जा रही मांग पर पुनर्विचार होगा, यह भी पता चल जाएगा। इधर, शिमला में राज्यसभा की एकमात्र सीट के लिए चुनाव 16 मार्च को तय हुआ है। इसीलिए राज्य सरकार 18 मार्च, 2026 से बजट सत्र को आगे शुरू करेगी।

मुख्यमंत्री समेत कांग्रेस विधायकों ने भी विधानसभा गेट पर की नारेबाजी

शिमला : बुधवार को सदन की कार्यवाही खत्म होने के बाद सत्ता पक्ष की ओर से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू उनके कैबिनेट मंत्रियों और कांग्रेस विधायकों ने भी विधानसभा गेट पर नारेबाजी की। यह नारेबाजी भाजपा के व्यवहार और संकल्प प्रस्ताव के समर्थन में न खड़े होने के विरोध में थी। कांग्रेस विधायकों ने विपक्षी दल को हिमाचल का विरोधी बताते हुए राज्य के विकास में रोड़े अटकाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री सुक्खू और संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने विधायकों के बीच खुद नारे लगवाए। इससे पहले सदन से बाहर आते हुए भाजपा विधायक भी नारेबाजी करते हुए आए। इनका कहना था कि प्रदेश को बर्बाद करने के बाद अब झूठे आंकड़े सदन में दिए जा रहे हैं

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