
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
29 जुलाई 2023

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद शिमला डेवलपमेंट प्लान को दिए गए अंतिम रूप पर 11 अगस्त 2023 को सुनवाई निर्धारित की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिवादियों की ओर से पेश हुए वकील के आग्रह पर मामले की सुनवाई टाल दी है। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को अंतिम प्लान को पेश करने के आदेश दिए थे। राज्य सरकार ने अंतिम प्लान को अदालत के समक्ष पेश कर दिया है। 3 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने ड्राफ्ट प्लान पर दर्ज आपत्तियों को निपटाने के बाद प्लान को अंतिम रूप देने के आदेश दिए थे। अदालत ने स्पष्ट किया था कि अंतिम प्लान के राजपत्र में प्रकाशित होने से एक महीने तक लागू न किया जाए। 21 जून को सरकार की मंजूरी के बाद शहरी विकास विभाग ने शिमला डेवलपमेंट प्लान की अधिसूचना जारी कर दी थी।
इस प्लान के लागू होने से शहर के कोर और ग्रीन एरिया में लोग भवन का निर्माण कर सकेंगे। नवंबर 2017 से शहर के इन दोनों क्षेत्रों में भवन निर्माण पर पाबंदी लगी हुई थी। इन क्षेत्रों के लोग अब नगर निगम से नक्शा पास करवाकर भवन निर्माण कर सकेंगे। शिमला शहर के लिए करीब 43 साल बाद डेवलपमेंट प्लान तैयार किया है। सरकार ने विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर 8 फरवरी 2022 को ड्राफ्ट प्लान बनाया था। 11 फरवरी 2022 को इस बारे में आम जनता से आपत्ति और सुझाव मांगे गए। निर्धारित 30 दिन के भीतर 97 आपत्तियां और सुझाव प्राप्त हुए। 16 अप्रैल 2022 को राज्य सरकार ने वर्ष 2041 तक 22,450 हेक्टेयर भूमि के लिए इस ड्राफ्ट प्लान को बनाया था। एनजीटी ने साल 2017 में शिमला शहर के कोर और ग्रीन एरिया में भवन निर्माण पर रोक लगा दी थी। इन आदेशाें के कारण इस प्लान को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका और बाद में एनजीटी ने इसे अवैध करार दिया था। एनजीटी के निर्णय को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चुनौती दी है।
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