पीएम मोदी ने शीतकालीन सत्र से पहले सभी राजनीतिक दलों से युवा सदस्यों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए चर्चा का हिस्सा बनने का मौका देने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने कहा कि कई नए सांसद इस बात को लेकर मायूस हैं कि उन्हें सदन में बात रखने का मौका नहीं मिलता है। पीएम मोदी ने सभी दलों के नेताओं से अपील की कि वे लोगों को बात करने का अवसर दें और हो हल्ला में सदन की कार्यवाही कुर्बान ना करें।
संसद में बोलने का अवसर दें
प्रधानमंत्री ने कहा कि जो विपक्ष के सांसद हैं, उनका भी यही कहना है कि उन्हें संसद में बोलने का अवसर नहीं मिलता है क्योंकि हंगामे के कारण सदन स्थगित हो जाता है। इसके कारण उनका बहुत नुकसान होता है।” प्रधानमंत्री ने सभी दलों के नेताओं से ऐसे सांसदों की वेदना को समझने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में उनके (युवा सांसदों) सामर्थ्य को जोड़ने के लिए, उनके उत्साह व उमंग का लाभ देश को मिले…यह लोकतंत्र के लिए बहुत आवश्यक है।” पीएम मोदी ने कहा कि मैं बहुत ही आग्रह के साथ सभी दलों से… सभी सांसदों से सत्र को अधिक सार्थक बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का आग्रह करता हूं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सत्र महत्वपूर्ण इसलिए है कि 15 अगस्त से पहले मिले हैं। 75 साल पूरे हुए हैं। अमृतकाल की यात्रा पर आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में आज हम मिल रहे हैं जब भारत को जी20 की मेजबानी का अवर मिला है। विश्व समुदाय में जिस प्रकार से भारत का स्थान बना है। जिस प्रकार से अपेक्षाएं बढ़ी हैं। और जिस प्रकार से वैश्विक मंच पर अपनी भागेदारी बढ़ाता जा रहा है, ऐसे समय में जी 20 की मेजबानी मिलना बहुत बड़ा अवसर है। संसद का शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से शुरू होकर 29 दिसंबर को खत्म होगा। इस सत्र में 17 बैठकें प्रस्तावित हैं। शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर के तीसरे सप्ताह में शुरू होता है लेकिन इस बार यह दिसंबर के पहले सप्ताह में आरंभ हुआ है।