सर्व मंगलकारी, सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय का बजट 2006-27: अनुराग सिंह ठाकुर

नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने आज संसद में बजट 2026-27 पर भाजपा की ओर से बोलते हुए बजट की सराहना की और इसे सर्व मंगलकारी, सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय वाला बजट बताया। उन्होंने इस सर्वकल्याणकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार प्रकट किया।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के समक्ष लगातार नौवां बजट प्रस्तुत किया है और यह बजट भी पिछले आठ बजटों की तरह दूरगामी है। उन्होंने इसे “नवरत्न बजट” बताते हुए कहा कि यह बजट विकास को नई गति देने वाला है। उन्होंने कहा कि NDA सरकार के बजट जमीन से जुड़े होते हैं, जबकि पहले बजट केवल एक राजनीतिक दस्तावेज हुआ करते थे। मोदी सरकार के लिए बजट एक राष्ट्रीय मिशन है, जिसमें सबकी भागीदारी सुनिश्चित की जाती है।

उन्होंने कहा कि बजट में बैंकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यटन, कृषि, रक्षा, ऊर्जा, रेलवे और परिवहन सहित 12 प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। कैपिटल एक्सपेंडिचर 11.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जो विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते कदमों का संकेत है।

उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के 70 वर्षों बाद देश में केवल 7 AIIMS थे, जबकि आज उनकी संख्या 23 हो चुकी है। 2014 तक देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 706 हो गए हैं। MBBS सीटों की संख्या 51,000 से बढ़कर 1,07,000 हो चुकी है। आयुष्मान भारत योजना को विश्व की सबसे बड़ी यूनिवर्सल हेल्थकेयर योजना बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे करोड़ों लोगों को लाभ मिला है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत आज विश्व की Dominating इकॉनमी के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक ताकत के कारण ही वैश्विक मंचों पर उसकी भूमिका मजबूत हुई है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य “AI for All” है, जिससे किसानों, युवाओं, महिलाओं और दिव्यांगजनों सहित समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचे। भारत को AI Enabled Nation बनाने के उद्देश्य से अगले 20 वर्षों तक डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज को टैक्स फ्री रखने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2030 तक भारत को AI Innovation Hub बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर 2030 तक AI क्षेत्र में 8 करोड़ से अधिक प्रोफेशनल्स की आवश्यकता होगी, जो भारत के युवाओं के लिए बड़े अवसर लेकर आएगी।

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