
ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन
5 मई 2023

जिला चम्बा में एक स्वयंसेवी संस्था ने महिलाओं और किसानों- बागवानों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ- साथ स्वावलंबी बनाने का बीड़ा उठाया है। हम बात कर रहे हैं पांगी घाटी से आरंभ हुई उस सेवा संस्था की जोकि अब न केवल हिमाचल प्रदेश अपितु देश और विदेश तक अपनी अलग पहचान कायम कर चुकी है। वर्ष 2013 में संस्था की शुरुआत जिला चम्बा के जनजातीय क्षेत्र पांगी से हुई थी। संस्था के गठन का मुख्य उद्देश्य जनजातीय क्षेत्र की महिलाओं को जागरूक करना था।
लिहाजा इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए न केवल महिलाओं को वित्तीय साक्षरता के प्रति जागरूक किया गया बल्कि महिला मंडलों का गठन कर उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने की शुरुआत भी की गई। समय के साथ- साथ संस्था ने कार्यों को बढ़ाते हुए बिचौलियों के चंगुल में फंसे जिला चम्बा के किसानों और बागवानों को भी इस मुहीम में शामिल किया। आंकड़ों के यदि बात करें तो अब तक संस्था के प्रयासों से जिले भर में 75 स्वयं सहायता समूहों और 8 एफपीओ का जिले भर में गठन किया जा चुका है। करीब 1500 से अधिक महिलाएं और करीब 6 हजार किसान- बागवान संस्था के साथ जुड़कर अपनी आजीविका सुदृढ़ कर रहे हैं।
विशेष बात यह है कि किसी समय में घर से बाहर तक न निकलने वाली जनजातीय क्षेत्रों की महिलाएं अब देश के कोने- कोने तक अपने उत्पादों को संस्था के माध्यम से पहुंचा रही हैं। वर्ष 2018 में नाबार्ड के सहयोग से संस्था द्वारा पांगी हिल्स ट्राइबल मार्ट की शुरुआत की गई और सभी महिलाओं व किसानों- बागवानों को एक मंच प्रदान किया गया।
इससे अब जिले के प्रसिद्ध उत्पाद जैसे ठांगी, अखरोट, जीरा, गुरणु सहित शॉल, जुराब, टोपी, चम्बा चप्पल आदि को देश के कोने- कोने सहित विदेश तक पहुंचाया जा रहा है। चम्बा- पठानकोट एन.एच. पर तड़ोली गांव में स्थित इस ट्राइबल मार्ट में महिलाएं ही सारा कार्य संभालती हैं। उत्पादों की पैकिंग, ग्रेडिंग, गुणवत्ता जांच के साथ- साथ अकाउंट्स का कार्य भी महिलाओं के हाथों में ही सौंपा गया है। अब पांगी हिल्स के उत्पाद ऑनलाइन माध्यम से अमेजोन और फ्लिप्कार्ट पर धूम मचाने के लिए भी तैयार हैं। मई माह में इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी लोग इन उत्पादों को मंगवा पाएंगे। अब तक संस्था को राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान भी मिल चुके हैं। बहरहाल, महिलाओं सहित किसानों व बागवानों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ कर सेवा संस्था ने समाज में एक अनूठी मिसाल कायम की है।
सेवा संस्था के निदेशक डॉ. हरेश शर्मा का कहना है कि किसी भी समाज के विकास का सीधा संबंध उस समाज की महिलाओं के विकास से जुड़ा होता है। महिलाओं के विकास के बिना व्यक्ति, परिवार और समाज के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है। इसी सोच के साथ सेवा संस्था की उन्होंने शुरुआत की थी। चूंकि किसानों व बागवानों के पास जैविक उत्पाद तो थे लेकिन उन्हें बिचौलियों के कारण मेहनत के उचित दाम नहीं मिल पा रहे थे। लिहाजा, किसानों और बागवानों को भी इस मुहीम में शामिल किया गया जिसके सार्थक परिणाम भी देखने को मिले हैं। संस्था की ओर से उन्हें ग्रेडिंग और पैकिंग के साथ- साथ नवीनतम तकनीकों के बारे में भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है ताकि उन्हें उत्पादों के अच्छे दाम मिल सकें। बहरहाल, सेवा संस्था के प्रयासों से जिला चम्बा में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
ख़बर अभी अभी ब्यूरो सोलन





