
दिल्ली में सोमवार शाम को 6:52 मिनट पर लाल किले के पास आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें एक आई-20 कार (HR26CE7674) में सवार तीन सुसाइड बॉम्बर ने अमोनियम नाइट्रेट से धमाका कर खुद को उड़ा लिया। इस धमाके के बाद आसपास मौजूद आधा दर्जन से ज्यादा कारों के परखच्चे उड़ गए। 9 लोगों की मौत हो गई और 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
आई-20 चालक की तस्वीर सामने आ गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी पहचान डॉ उमर के रूप में की है। यह जम्मू कश्मीर का रहने वाला है। पुलिस ने जांच में पाया कि यह कार दो बार बेची गई थी। उमर ने इसको फरीदाबाद के रहने वाले एक व्यक्ति से खरीदा था।
उमर कट्टरपंथी विचारों से प्रेरित था। वह मूल रूप से कोइल, पुलवामा, जम्मू-कश्मीर का रहने वाला था। उसका जन्म 24 फरवरी 1989 में नबी भट के यहां हुआ था। वह श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमडी मेडिसिन की पढ़ाई पूरी कर अल-फलाह मेडिकल कॉलेज, फरीदाबाद में काम कर रहा था। इससे पहले उसने कुछ समय जीएमसी अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया था।
वह डॉ. आदिल का करीबी था। दोनों टेलीग्राम चैनल पर लगातार संपर्क में रहते थे। दोनों ही सक्रिय कट्टरपंथी डॉक्टरों के टेलीग्राम चैनल के समूह का हिस्सा थे।





