हरित ऊर्जा राज्य बनाने की मुहिम को लग रहा है बड़ा झटका, पुराने वाहनों में सीएनजी किट लगाने के लिए नहीं खोले केंद्र

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

26 जून 2023

हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की मुहिम को बड़ा झटका लग रहा है। पुराने वाहनों में सीएनजी किट लगाने के लिए प्रदेश में केंद्र स्थापित नहीं किए गए हैं। इसके चलते गाड़ियों का प्रमाणीकरण (इंडोर्समेंट) नहीं हो रहा है। हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने में इलेक्ट्रिक के साथ सीएनजी वाहनों का बड़ा योगदान रहेगा, लेकिन पुराने वाहनों में सीएनजी किट फिटमेंट नहीं हो पा रही है। इसका कारण हिमाचल में अधिकृत सीएनजी किट फिटमेंट केंद्र न होने के चलते प्रमाणीकरण न होना है।

केंद्र स्थापित करने के लिए लंबी और पेचीदा प्रक्रिया भी आड़े आ रही है। इन दिनों प्रदेश में सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। नए सीएनजी युक्त और बाहरी राज्यों के सीएनजी वाहन ही हिमाचल में सीएनजी का लाभ ले पा रहे हैं। प्रदेश में पुराने वाहन मालिक भी सीएनजी किट लगाना चाहते हैं लेकिन आरसी में सीएनजी प्रमाणीकरण न होने के कारण ये प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों के चलते वाहन मालिक अब सीएनजी की तरफ बढ़ने लगे हैं।

हर छोटे वाहनों में सीएनजी का विकल्प दिया जा रहा है। इसे लोग पसंद भी कर रहे हैं। हिमाचल की सर्पीली सड़कों में पहले ही वाहनों की माइलेज कम रहती है। लोग सस्ती सीएनजी में अधिक माइलेज का लाभ उठाने के इच्छुक भी हैं। बस इसमें विभागीय प्रमाणीकरण आड़े आ रही है। सीएनजी किट फिटमेंट के बाद इसे वाहन आरसी में भी इंडोर्स करवाया जाना जरूरी रहता है। प्रदेश सरकार ने अगले दो वर्षों में हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य घोषित करने का लक्ष्य रखा है।

बाकायदा बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए छूट का भी प्रावधान किया गया है। हरित ऊर्जा राज्य की इस मुहिम में सीएनजी प्रमाणीकरण बाधा बन रही है। इस मसले को लेकर परिवहन विभाग के उच्च अधिकारी भी अनभिज्ञ हैं। ऐसे में किस तरह हरित ऊर्जा मुहिम सिरे चढ़ेगी, यह बड़ा सवाल है। ऊना के देहलां में केंद्र स्थापित करने के लिए अक्षय पराशर लंबे समय से कागजी प्रक्रिया में उलझे हैं। इसके लिए उन्होंने शिमला में आवेदन किया है। उनका आवेदन लंबित है।

#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*

Share the news