हिमकेयर घोटाले की जांच करवाएगी सरकार, हो रहा खर्च का ऑडिट, योजना में फिर होगा सुधार

मंडी| हिमकेयर योजना में घोटाले की आशंका के बीच इसकी जांच करवाने की तैयारी चल रही है। सुक्खू सरकार हिमकेयर योजना का ऑडिट करवा रही है और इसके लिए प्रधान महालेखाकार को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दे दिए गए हैं। ऐसे में हिमकेयर योजना में इम्पैनल कुछ निजी मेडिकल स्टोर और अस्पतालों पर गाज गिर सकती है। प्रदेश सरकार ने योजना में सुधार का निर्णय लिया है। योजना के तहत अब तक हुए खर्च का ऑडिट प्रधान महालेखाकार हिमाचल प्रदेश द्वारा किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के मुताबिक हिमकेयर योजना बंद नहीं होगी, परंतु इस योजना में कुछ सुधार किए जाने हैं। हिमकेयर कार्ड बनाने का लाभार्थियों के पास इस साल का यह आखिरी मौका है। इसके बाद फिर अगले साल मार्च माह में हिमकेयर कार्ड बनेंगे। हिमाचल प्रदेश की स्वास्थ्य योजना मुख्यमंत्री हिमाचल स्वास्थ्य देखभाल योजना (हिमकेयर) एक बार फिर चर्चा में है।

जहां एक ओर दिसंबर में नए हिमकेयर कार्ड बनवाने का अवसर हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर विधानसभा में योजना को लेकर घोटाले के आरोप और जांच की घोषणा से राजनीतिक विवाद गहरा गया है। हिमकेयर योजना की शुरुआत पहली जनवरी, 2019 को की गई थी। इस योजना के तहत एक परिवार के अधिकतम पांच सदस्यों को सालाना पांच लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। योजना में करीब 3200 से अधिक बीमारियों का उपचार शामिल है। मुख्य रूप से यह सुविधा सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है, जबकि पीजीआई चंडीगढ़, एम्स बिलासपुर जैसे संस्थानों में भी इलाज की व्यवस्था है।

घोटालेबाजों पर गिरेगी गाज

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमकेयर योजना में बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए विस्तृत जांच की घोषणा की है। मुख्यमंत्री का कहना है कि योजना की मूल भावना से छेड़छाड़ हुई और निजी अस्पतालों व मेडिकल दुकानों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। मामले की ऑडिट प्रक्रिया प्रधान महालेखाकार के माध्यम से करवाई जा रही है।

साल के चार महीने बनेंगे कार्ड

जुलाई से लागू नए नियमों के अनुसार अब नए कार्ड का पंजीकरण साल में केवल चार महीने मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में ही किया जा सकता है। फिलहाल दिसंबर माह चल रहा है, ऐसे में पात्र परिवार 222.द्धश्चह्यड्ढ4ह्य.द्बठ्ठ पोर्टल या लोक मित्र केंद्रों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड और श्रेणी प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज आवश्यक हैं।

गड़बड़ पर सख्त हुई सरकार

पहले निजी अस्पतालों में भी मुख्यमंत्री हिमाचल स्वास्थ्य देखभाल योजना की सुविधाएं थीं, लेकिन अब इसे सीमित कर केवल डायलिसिस जैसी आवश्यक सेवाओं तक ही रखा गया है। साल 2025 में हिमकेयर योजना में कई अहम बदलाव किए गए हैं।

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