हिमाचल में जल्द तय होगी विधायक निधि की लिमिट: सीएम सुक्खू

शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) पर वोटिंग के बाद एक बैठक करेंगे और उसमें निधि की लिमिट तय करेंगे। मुख्यमंत्री मंगलवार को हिमाचल विधानसभा चल रहे बजट सत्र के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा विधायक रणधीर शर्मा की ओर से उठाए मामले के जवाब में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि विधायक निधि को लेकर गंभीरता के साथ विचार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक विक्रम ठाकुर और विपिन सिंह परमार समेत सभी विधायकों को कहा था कि आरडीजी पर रिप्रेजेंटेशन है, तो आना और विधायक निधि को लेकर आकलन भी करेंगे। उन्होंने कहा कि आरडीजी पर वोटिंग के बाद इस पर बैठक करेंगे और विधायक निधि की लिमिट तय करेंगे। दरअसल सदन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधायक क्षेत्र निधि के मामले को रखते हुए कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की घोषणा कर चुके हैं और अब स्थिति यह है कि विधायक बदनाम हो रहे हंै। उन्होंने कहा कि कार्र्यों के लिए चि_ी भी दे चुके हैं, लेकिन अभी तक पैसे नहीं आए हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि हम आर्थिक संकट में हैं, लेकिन विधायक क्षेत्र निधि का पिछले बजट में प्रावधान किया है और यह तुरंत जारी की जाए।

उन्होंने कहा कि बजट सेशन चल रहा है और उसके बाद अगला सेशन आएगा और यह पैसा लैप्स हो जाएगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि सत्ता पक्ष को पता नहीं कि यह मिल रहा है या नहीं, लेकिन विपक्षी विधायकों को नहीं मिला है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि विधायक निधि को लेकर स्थिति स्पष्ट करेंं। वहीं, सदन में विधायक निधि के मामले पर विधायक रणधीर शर्मा ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि विधायक निधि की जुलाई की किस्त में 55 लाख की मंजूरी भेजी गई है, लेकिन अभी तक राशि नहीं मिली है, जबकि अक्तूबर और जनवरी की किस्त आनी थी, वह भी अभी तक जारी नहीं हुई है। रणधीर शर्मा ने कहा कि इस विषय पर बात करते है, तो मुख्यमंत्री इसे आरडीजी से जोड़ते हैं, जबकि विधायक निधि 2025-26 के बजट की स्वीकृत राशि है। उन्होंने कहा कि विधायक निधि हर एमएलए और क्षेत्र के लिए है और इससे छोटे-छोटे कार्य होते हैं। रणधीर शर्मा ने इस दौरान मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि विधायक क्षेत्र निधि की दो किश्तों को तुरंत जारी किया जाए और आरडीजी से पिछली निधि को न जोड़ा जाए।

पोर्टल पर सबमिट नहीें हो रहे विधायकों के प्रश्न

बजट सत्र के दूसरे दिन नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधायकों के प्रश्न पोर्टल के जरिए सबमिट न होने की बात कही। उन्होंने कहा कि विधायकों को यह भी जानकारी नहीं है कि सत्र को लेकर प्रश्र कब तक देने हंै। इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि नेवा नहीं चल रहा है। इस मामले को लोकसभा में रखा गया है। हम अब अपने ई विधान मॉड्यूल को भी शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेवा का पोर्टल अब चल रहा है। कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि वह आईटी सैल से कहेंगे।

एफआरए के लिए विधायक निधि से दे सकेंगे पैसे

शिमला — मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में कहा कि फॉरेस्ट राइट्स एक्ट के तहत सडक़ों की क्लियरेंस के लिए विधायक निधि से पैसा दिया जा सकेगा। राज्य सरकार इस बारे में जल्द ही नोटिफिकेशन जारी करेगी। वह भाजपा विधायक सुधीर शर्मा द्वारा कांगड़ा को लेकर पूछे गए सवाल में सप्लीमेंट कर रहे थे। इस सवाल के जवाब में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कांगड़ा जिला में एफआरए की अनुमति के बाद 59 सडक़ मंजूर हुई हैं और यह अलग-अलग हेड में हंै। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने पूछा कि उनके लिए पैसा कहां से आएगा? जवाब में लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि उनके लिए विभिन्न मदों से पैसा दिया जा सकता है।

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