
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*
23 सितंबर 2024
अब देश में गुजरात के बाद हिमाचल में फूड फोरेंसिक यूनिट शुरू किए जाने की योजना बनाई है, जिससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच सहित खाद्य जनित बीमारियों के कारणों व आपराधिक मामलों में जांच को मद्द मिल पाएगी। अब तक फेस्टिवल सीजन और नाममात्र की बजाय स्वायत्त फोरेंसिक यूनिट में खाद्य पदार्थों की 100 प्रतिशत गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इससे पहले प्रदेश में खाद्य पदार्थों के संदिग्ध सेवन से कई गंभीर मामले सामने आ चुके हैं, ऐसे मामलों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिल पाएगी। प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच करना और खाद्य जनित बीमारियों के कारणों का पता लगाना अब कठिन काम नहीं रहेगा।
सरकार ने राज्य में फूड फोरेंसिक यूनिट स्थापित करने को मंजूरी प्रदान कर दी है। स्थापित होने के बाद यह गुजरात के बाद देश की दूसरी खाद्य फोरेंसिक इकाई होगी।
हाल ही में कैबिनेट में छह जिलों में फोरेंसिक यूनिट को अप्रूवल प्रदान कर दी गई है। ऐसे में अब उम्मीद जग गई है कि जल्द ही फूड फोरेंसिक यूनिट को भी मंत्रिमंडल की हरी झंडी मिलने के बाद धरातल पर उतारने का कार्य शुरू हो पाएगा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से वितरित किए जा रहे राशन, त्योहारी सीजन में मिठाइयों, महिला एवं बाल विकास की ओर से प्रदान किए जाने वाले अनाज के नमूनों की भी जांच की जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार प्रयोगशाला शिमला के पास जुन्गा में राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, सेंट्रल जोन मंडी या नोर्थ जोन धर्मशाला में क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं में स्थापित की जा सकती है।





