
शिमला | प्रदेश का मौसम 25 अप्रैल तक साफ रहेगा लेकिन 26 अप्रैल से एक बार फिर मौसम खराब हो जाएगा। इस दौरान दोबारा से ओलावृष्टि की संभावना जताई जा रही है। सोमवार को भी प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लाहौल स्पीति में बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। लगातार खराब हो रहे मौसम से बागवान परेशान हैं जो अभी तक अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे थे। तूफान, ओलावृष्टि ने स्टोन फ्रूट को कई स्थानों पर नुकसान हुआ है। शिमला में सुबह से ही मौसम खराब था और दोपहर में बारिश होने से ठंडक बढ़ गई है। प्रदेश में जहां आंधी, बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं अब नदी.नालों के ऊफान पर आने से भी प्रदेश में नुकसान हो रहा है। मौसम विज्ञान केन्द्र की मानें तो प्रदेश के किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा, कुल्लू, मनाली की चोटियों पर 27 अप्रैल तक मौसम खराब बना रहेगा। उक्त अवधि के दौरान चोटियों पर कई स्थानों पर हिमपात होने का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है। हालांकि मैदानों व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 25 अप्रैल तक मौसम साफ बना रहेगा मगर मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 26 से बारिश, ओलावृष्टि होने की संभावना जताई जा रही है जबकि मैदानी इलाकों में आगामी एक सप्ताह तक मौसम साफ रहेगा।
प्रदेश के स्पीति वैली के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सोमवार को ताजा हिमपात रिकॉर्ड किया गया है। स्पीति के लोसर व हिक्किम गांव में ताजा बर्फवारी हुई है। इसके अलावा राज्य के अधिकतर क्षेत्रों में बारिश हुई है। बारिश के साथ पहाड़ों पर कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई है। जिला शिमला, कुल्लू व चंबा में कई स्थानों पर ओलावृष्टि आंकी गई है जिससे फसलों सहित बागवानी को नुकसान पहुंचा है। बारिश होने से तापमान में भी गिरावट आई है। खासतौर पर पहाड़ों में फिर से ठंड का एहसास होने लगा है। इस ठंड की वजह से स्टोन फ्रूट को नुकसान हो रहा है जिसमें फ्लॉवरिंग हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार बारिश के चलते चंबा-सलूणी-संघणी मार्ग पर जवांस नाले में बाढ़ आई है जिससे यहां पर मलबे में कई वाहन दब गए हैं। वाहनों के मलबे में दबने के साथ ही कृषि योग्य भूमि को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश होने से प्रदेश में नदी-नाले ऊफान पर आ गए हैं जो अब प्रदेश में नुकसान का कारण बनने लगे हैं। पहाड़ों पर आगामी दिनों के दौरान भी अंाधी, बारिश व ओलावृष्टि फसलों पर भारी पड़ सकती है।
बीते 24 घंटों के दौरान लाहौल स्पीति के हंसा व केलांग में बर्फबारी हुई है। हंसा में 7.5 और केलांग में 2.0 सेटीमीटर बर्फ रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा शिमला जिला, डलहौजी व पालमपुर में ओलावृष्टि हुई है। बिलासपुर, बंजार सहित जिला शिमला के विभिन्न स्थानों पर आंधी ने कहर बरपाया है।
59 फीसदी अधिक बारिश हुई
राज्य में पिछले एक सप्ताह की बात करें तो यहां सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। 14 से 21 अप्रैल के बीच 27 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है जबकि इस अवधि में केवल मात्र 17 मिलीमीटर बारिश होती रही है। कांगड़ा, सिरमौर व सोलन को छोडक़र उक्त अवधि के दौरान शेष जिलों में सामान्य से अधिक बारिश आंकी गई है। बिलासपुर में 156 और किन्नौर में सामान्य से 131 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।





