
अंतरराष्ट्रीय मंडी शिवरात्रि महोत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में उस समय सवाल खड़े हो गए, जब आधिकारिक इन्विटेशन कार्ड में 21 फरवरी की स्टार नाइट के लिए घोषित हिमाचली प्रसिद्ध लोक गायक इन्द्र जीत प्रस्तुति देने नहीं पहुंचे।
आधिकारिक निमंत्रण पत्र में 21 फरवरी की स्टार नाइट स्पष्ट रूप से लोक गायक इन्द्र जीत के नाम से घोषित की गई थी। ऐसे में अंतिम समय पर मंच परिवर्तन ने चर्चाओं को जन्म दे दिया।
हिमाचल की लोक संस्कृति को देश-विदेश तक पहुंचाने में इन्द्र जीत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पारंपरिक लोक संगीत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता है।
जानकारी के अनुसार, 21 फरवरी की स्टार नाइट पहले इन्द्र जीत को दी गई थी, लेकिन बाद में यह मंच प्रसिद्ध गायक हंसराज रघुवंशी को सौंप दिया गया। सवाल यह उठ रहा है कि यदि स्टार नाइट हंसराज रघुवंशी को ही देनी थी, तो आधिकारिक इन्विटेशन कार्ड में उनका नाम क्यों प्रकाशित नहीं किया गया?
📞 इन्द्र जीत ने क्या कहा?
फोन पर बातचीत में इन्द्र जीत ने नाराज़गी जताते हुए बताया कि 30 जनवरी को प्रशासन की ओर से उन्हें 21 फरवरी की स्टार नाइट के लिए संपर्क किया गया था। 3 फरवरी को कन्फर्मेशन ली गई और बाद में आधिकारिक इन्विटेशन कार्ड भी भेजा गया, जिसमें उनका नाम स्पष्ट रूप से प्रकाशित था।
उन्होंने बताया कि 11 फरवरी को एडीसी कार्यालय से फोन कर उन्हें सूचित किया गया कि उन्हें सेकेंड-लास्ट स्लॉट पर प्रस्तुति देनी होगी और स्टार नाइट हंसराज रघुवंशी को दी जा रही है।
इन्द्र जीत का कहना है कि यदि स्टार नाइट किसी अन्य कलाकार को देनी थी, तो यह निर्णय पहले ही लिया जाना चाहिए था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें स्टार नाइट न मिलने का दुख नहीं है, लेकिन अंतिम समय में बदलाव करना उचित नहीं है। “कलाकार की भी अपनी गरिमा और सम्मान होता है,” उन्होंने कहा।
इन्द्र जीत ने मंडी प्रशासन के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि अपूर्व देवगन उनके बड़े भाई की तरह हैं और हमेशा उनका आशीर्वाद रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रशासन की भी कोई मजबूरी रही होगी।
अंत में उन्होंने दोहराया कि उनके लिए सबसे पहले सम्मान है और उसके बाद पारिश्रमिक।





