
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
5 जुलाई 2023

अगर कांगड़ा एयरपोर्ट को कहीं और शिफ्ट किया गया तो यह बड़ा प्रोजेक्ट 15-20 साल तक आगे खिसक जाएगा। नया एयरपोर्ट बनाने का खर्च भी कई गुना बढ़ जाएगा। साथ ही पुरानी हवाई पट्टी भी पूरी तरह से बेकार हो जाएगी। यह निष्कर्ष गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए लोगों के बीच पहुंच कर उनकी राय जानने के लिए गठित की गई सामाजिक प्रभाव आकलन कमेटी की जून में सौंपी सर्वे रिपोर्ट में निकला है। जानकारी के अनुसार गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर सामाजिक प्रभाव आकलन कमेटी का गठन किया गया था।
इस कमेटी में ग्राम पंचायत गगल और रछियालु के पंचायत प्रधानों के अलावा प्रदेश में विभिन्न ओहदों पर तैनात विशेषज्ञों को शामिल किया गया था। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट को जून में प्रदेश सरकार को सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि सर्वे के दौरान लोगों ने कई प्रकार के तर्क दिए थे, जिनमें कहा गया था कि गगल एयरपोर्ट का निर्माण लंज या बौडक्वालु में किया जा सकता है। हवाई पट्टी को गगल बाजार की तरफ लाने के बजाय ढुगियारी से धर्मशाला की तरफ करने की भी बात कही गई थी।
लेकिन एक्सपर्ट कमेटी ने इन सभी तथ्यों पर निष्कर्ष निकाला है कि अगर एयरपोर्ट का निर्माण कहीं और नए सिरे से किया जाता है तो इस पर खर्च भी बहुत आएगा। कई विभागों से एनओसी लेने और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने के चलते यह प्रोजेक्ट 15 से 20 साल तक खिंच जाएगा। वहीं अगर इसका निर्माण धर्मशाला की ओर किया जाता है तो सामने पहाड़ होने के कारण जहाजों को लैंड और टेकऑफ करने में भी कई प्रकार की दिक्कतें पेश आ सकती हैं।
कमेटी ने निष्कर्ष निकाला है कि गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए 147 हेक्टेयर भूमि अधिगृहित की जानी है, जोकि अन्य क्षेत्रों में इसके नए सिरे से निर्माण करवाने की अपेक्षा बहुत कम है। अगर इसका निर्माण कहीं और किया जाता है तो अधिगृहित की जाने वाली भूमि का दायरा भी काफी बढ़ जाएगा। इन सभी प्रभावों को देखते हुए एक्सपर्ट कमेटी ने निष्कर्ष निकाला है कि एयरपोर्ट के विस्तार के लिए गगल स्थित हवाई पट्टी को ही लंबा और चौड़ा किया जाना सबके हित में है।
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