
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
27 जून 2023
अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी मंदिर के मुख्य पुजारी ने प्रशासन को त्यागपत्र सौंप दिया है। पुजारी का त्यागपत्र मिलने के बाद जिला प्रशासन की ओर से नए पुजारी को नियुक्त करने की तैयारी शुरू हो गई हैं। वहीं जब तक पुजारी की नियुक्ति नहीं होती है तब तक मंदिर की देखरेख जिला प्रशासन के अधिकारी ही करेंगे। वर्तमान में प्रशासनिक अधिकारी की ओर से मंदिर में सेवाएं दी जा रही हैं। इस दौरान अधिकारियों को मंदिर में शिफ्ट के अनुसार लगाया गया है ताकि श्रद्धालु सुविधापूर्वक माता के दर्शन कर सकें। वहीं अधिकारी ही प्रसाद वितरण का कार्य भी कर रहे हैं।
राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेले के तीसरे दिन मंदिर पुजारी और जिला प्रशासन के बीच विवाद छिड़ गया था। इस दौरान मंदिर पुजारी ने प्रशासन पर मेले की दूसरी रात में माता की विशेष पूजा के दौरान मौजूद न रहने का आरोप लगाया। वहीं चर्चा रही कि पुजारी को 18 साल से वेतन न मिलने पर यह विवाद शुरू हुआ। इसके बाद अंतिम मेले के दौरान मुख्य पुजारी ने सुबह मां शूलिनी मंदिर के कपाट भी नहीं खोलें और चाबियां मंदिर द्वार पर छोड़ दीं। इसके बाद से प्रशासन ने ही मंदिर का मोर्चा संभाला है। वहीं मंदिर पुजारी ने मेले के तीसरी दिन ही पद छोड़ने को लेकर प्रशासन को त्यागपत्र सौंप दिया था। इसके चलते सोमवार को भी मंदिर के कपाट प्रशासनिक अधिकारी द्वारा ही खुलवाए गए। उनके निर्देश पर ही कर्मचारी ने मंदिर आने वाले लोगों को प्रसाद बांटा। मां शूलिनी ने मेला कबूल किया है। फिर भी मेले के दौरान यह विवाद चर्चा का विषय बना रहा। तहसीलदार सोलन मुल्तान सिंह बनयाल ने कहा कि मंदिर में फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी की तैनाती की गई है। जल्द ही मंदिर के लिए स्थाई पुजारी की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है।
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