
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने उच्च न्यायालय अराजपत्रित शासकीय और अराजपत्रित कर्मचारियों के वेतन वृद्धि के आदेशों की अनुपालना न करने पर अतिरिक्त मुख्य गृह सचिव तलब किया है। अगली सुनवाई की तारीख पर केवल तभी उपस्थित रहेंगे, अगर आदेश का अनुपालन नहीं की गई। सरकार की ओर से महाधिवक्ता अनूप रतन ने कोर्ट के आदेशों की अनुपालना के लिए दो सप्ताह का समय अदालत से मांगा। महाधिवक्ता की ओर से आश्वासन दिया गया है कि न्यायालय की ओर से पारित आदेशों के क्रियान्वयन की दिशा में सार्थक कदम अगली सुनवाई तक उठाए जाएंगे। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश संदीप शर्मा की विशेष बैंच ने इस मामले को 28 मई के लिए सूचीबद्ध किया। अदालत ने इस मामले में सरकार से ताजा स्टेटस रिपोर्ट दायर करने को कहा है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने गैर राजपत्रित कर्मचारियों के लिए 20 फीसदी वेतन वृद्धि लागू न करने पर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। सरकार को इस मामले में सौ करोड़ की देनदारियां देनी होंगी।
हाईकोर्ट ने सरकार से तलब की ब्लैक लिस्ट ठेकेदारों को सूची
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को ब्लैक लिस्ट ठेकेदारों को सूची तलब करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि सरकार ने ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए, जिनसे वसूली की गई है या फिर करनी बाकी है। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने प्रदेश के सचिव को इस पर हलफनामा दायर करें। मामले की अगली सुनवाई 4 जून हो होगी। अदालत ने इस मामले मे लोक निर्माण विभाग के सचिव और अधीक्षण अभियंता मंडी, कार्यकारी अभियंता करसोग मंडल के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू कर दी है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सड़क को पक्का करने की वचनबद्धता को पूरा न करने पर सख्ती दिखाई है।
क्या है मामला
याची ने केलोधार से सियांज बगड़ा सड़क को पक्का व चौड़ा करने की मांग की थी। कोर्ट ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन करने पर पाया कि प्रतिवादियों की ओर इस सड़क को बनाने में गड़बड़ी की गई है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाए हैं कि नागलोग से बालीधार तक11 किलोमीटर सड़क का मेटलिंग का कार्य 31 मार्च तक पूरा करनेे का भरोसा दिया था। लेकिन सड़क का कार्य पूरा नहीं किया गया। इसके बाद याचिकाकर्ता ने अनुपालना याचिका दायर की गई। याचिका में कहा गया कि कोर्ट के समक्ष वचन देने के बाद भी प्रतिवादियों ने आज तक कार्य पूरा नहीं किया है। प्रतिवादियों की ओर से सड़क को पक्का करने का कार्य 31मार्च 2020 तक पूरा करने का आश्वासन देने के बावजूद 2024 तक कार्य पूरा नहीं किया गया। इसी पर अदालत ने यह आदेश दिए हैं। खंडपीठ ने पीडब्ल्यूडी मंडी के अधीक्षण अभियंता को इस पर हलफनामा दायर करने को कहा है।





