
#खबर अभी अभी अभी सोलन ब्यूरो*
13 मई 2023
आईआईटी मंडी अब पद्मश्री नेकराम शर्मा को सलाहकार बनाकर जैविक खेती और जलवायु नियंत्रण पर काम करेगा। खेती को लाभकारी बनाकर छात्र-छात्राओं को कृषि में उद्यमी बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। प्रदेश के युवाओं और छात्र-छात्राओं को इस तरह से कृषि का ज्ञान दिया जाएगा कि वह आधा बीघा जमीन से एक माह में एक लाख रुपये की आमदनी प्राप्त कर सकें। इसके लिए आने वाले समय में गंभीरता से काम होगा। वहीं, नेकराम शर्मा के अनुभव का फायदा उठाकर हिमालय में पाई जाने वाली जड़ी बूटियों की पहचान करके उनका भी बड़े पैमाने पर औषधियों में प्रयोग किया जाएगा। हिमाचल जैसे प्रदेश में कृषि और बागवानी को मौसम के कारण बहुत नुकसान होता है
ऐसे में फसलों को मौसम के प्रकोप से किस तरह से बचाया जाना होगा, इस पर भी काम होगा। आईआईटी मंडी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने कहा कि आईआईटी मंडी ने कृषि को सशक्त बनाने के लिए सतत विकास की पहल शुरू की है। संस्थान जैविक खेती और जलवायु नियंत्रण कृषि जैसे पारंपरिक तरीकों का उपयोग करके खेती को लाभकारी बनाकर कृषि में उद्यमी बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इस क्षेत्र में युवाओं को दक्ष करना बहुत जरूरी है और आईआईटी मंडी आने वाले समय में इस पर व्यापक कार्य करेगा। गोर हो कि हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के नेकराम शर्मा जैविक खेती से जुड़े हैं और ‘नौ अनाज’ की पारंपरिक फसल प्रणाली को पुनर्जीवित कर रहे हैं।
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