आईटीआई में 248 पदों की चयन प्रक्रिया को रद्द करने के निर्णय को हाईकोर्ट ने सही ठहराया

HP High Court: आईटीआई में 248 पदों की चयन प्रक्रिया को रद्द करने के निर्णय को हाईकोर्ट ने सही ठहराया

 

वर्ष 2018 में तकनीकी शिक्षा विभाग ने प्रदेश के राजकीय आईटीआई में प्रशिक्षक के 248 पद भरने का विज्ञापन जारी किया था। उसी वर्ष यह भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई और 248 उम्मीदवारों को उत्तीर्ण घोषित किया गया।

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट।

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट।
खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो
16 सितंबर  2022

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राजकीय आईटीआई में 248 पदों की चयन प्रक्रिया को रद्द करने के निर्णय को सही ठहराया है। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि इस भर्ती घोटाले में की गई जांच के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का निर्णय सही और उचित है। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने 71 चयनित उम्मीदवारों की याचिका को खारिज करते हुए यह निर्णय सुनाया।

वर्ष 2018 में तकनीकी शिक्षा विभाग ने प्रदेश के राजकीय आईटीआई में प्रशिक्षक के 248 पद भरने का विज्ञापन जारी किया था। उसी वर्ष यह भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई और 248 उम्मीदवारों को उत्तीर्ण घोषित किया गया। असफल उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया में भाई-भतीजावाद और धांधलियों का आरोप लगाया। उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश के नाम पत्र लिखकर घोटाले की जांच करने का आग्रह किया।

सरकार ने मामले की जांच की और पाया कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार कर भाई-भतीजावाद को बढ़ावा दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने 5 फरवरी, 2019 को चयन प्रक्रिया को रद्द कर दिया था। चयनित उम्मीदवारों ने सरकार के निर्णय को चुनौती दी थी। अदालत ने जांच कमेटी के रिपोर्ट का अवलोकन करने पर पाया कि यह भर्ती प्रक्रिया नियमों के अनुसार नहीं की गई है। भर्ती प्रक्रिया में भाग ले रहे उम्मीदवारों को ओएमआर शीट की प्रतिलिपि बांटी गई, जिन पर कोई सीरियल नंबर नहीं था।

कमेटी ने पाया था कि चयनित कमेटी के सदस्यों ने अपने ही रिश्तेदारों का चयन किया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई की असफल उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को चुनौती नहीं दे सकते। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि असफल उम्मीदवार ने चयन प्रक्रिया को चुनौती नहीं दी है, बल्कि चयन प्रक्रिया में हुई धांधलियों को उजागर करने के लिए जांच करने की गुहार लगाई थी। सरकार ने इस मामले की जांच करवाई है, जिसमें यह चयन प्रक्रिया नियमों के विपरीत पाई गई।

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