
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
26 फरवरी 2023
दुनिया के तमाम देशों के साथ ही उत्तर कोरिया में भी खाद्य संकट गहराता जा रहा है। कोरोना महामारी के बाद यहां तेजी से भोजन की कमी हो रही है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि उत्तर कोरियाई क्षेत्र में एक बड़ी आबादी भुखमरी का शिकार हो रही है, लेकिन विशेषज्ञ इन चर्चाओं को खारिज कर रहे हैं और उनका कहना है कि देश में अकाल जैसी स्थिति के कोई संकेत नहीं हैं।
इस बीच उत्तर कोरिया में यह अटकलें फिर से तेज हो गई हैं कि शीर्ष नेता एक सही कृषि नीति तैयार करने के लिए तत्काल चर्चा की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की आगामी बैठक का उद्देश्य अपने नेता किम जोंग उन के समर्थन को बढ़ावा देना है, क्योंकि वह अमेरिकी दबाव और प्रतिबंधों के बावजूद परमाणु हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहे हैं।सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की बैठक फरवरी के अंत में होने वाली है। इस बैठक का एजेंडा अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन पार्टी के शक्तिशाली पोलित ब्यूरो का कहना है कि कृषि विकास में आमूलचूल परिवर्तन के लिए बड़े और उचित कदम उठाने की आवश्यकता है। उधर, सियोल में क्यूंगनाम यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट फॉर फार ईस्टर्न स्टडीज के प्रोफेसर लिम एउल-चुल का कहना है कि खाद्य समस्या को हल किए बिना किम जोंग उन अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे नहीं बढ़ा सकते हैं, क्योंकि ऐसा करने से जनता का समर्थन हिल जाएगा।
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