
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*
26 दिसंबर 2022
जिले में कोहरे से सब्जियों की खेती के लिए खतरा पैदा हो गया है। बचाव के लिए किसान हरसंभव प्रयास तो कर रहे हैं, लेकिन जिस तरह से कोहरा पड़ रहा है उससे फसलों को नुकसान पहुंचना तय है। इससे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। किसानों ने पहले महंगे बीज खरीद कर फसलें लगाई और अब उनके बचाव में पैसे खर्च हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार जिले में इस समय प्याज का बीज, शिमला मिर्च और गोभी सहित कई अन्य हरी सब्जियां तैयार की जा रही हैं। मगर बारिश न होने से कोहरे की मार फसलों पर पड़ने लगी है। इससे हरी सब्जियों को खासा नुकसान पहुंच रहा है। इसके बचाव के लिए किसान पॉलीथिन, जालीदार कपड़े और अन्य जुगत लगाकर फसलों को सुबह और शाम ढंक रहे हैं। मगर जल्द बारिश न हुई और सूखी सर्दी का आलम जारी रहा तो हरी सब्जियों की खेती बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है।
हरी सब्जियों को तैयार करने में जुटे किसान बलराम कुमार, रविंद्र सैनी, रामपाल ने बताया कि सर्दियों में हरी सब्जियां तैयार करना चुनौतीपूर्ण होता है। हालांकि समय पर बारिश हो जाए तो सर्दी की मार इतनी अधिक नहीं रहती। मगर इस बार दिसंबर में ही कोहरा पड़ने लगा है। फसलों को कोहरे से बचाने में अतिरिक्त खर्चा करना पड़ रहा है। अगर पूरी मेहनत से फसलें तैयार भी हो जाएं तो यह तय नहीं कि फसलों को अच्छा दाम मिलेगा या नहीं।
जिले में बड़ी संख्या में किसान हरी सब्जियां उगाते हैं। हालांकि सिंचाई सुविधा वाले क्षेत्रों में ही सब्जियां उगाई जाती हैं, लेकिन बारिश से मौसम की मार कम होगी।
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