एचपीएमसी की बेरूखी से बागवान परेशान,कड़कती ठंड में बागवानों की अनदेखी,सामान नहीं मिलने से बागवान नाराज़:संजीव देष्टा किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष

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संवाददाता शिमला।(अमीषा)
कड़ाके की ठंड के बीच प्रदेश का बागवान गंभीर संकट से गुजर रहा है। सरकार के तथाकथित व्यवस्था परिवर्तन में बागवान सबसे अधिक पीड़ित हो रहे हैं। इस समय बागानों में विंटर स्प्रे, खाद और बागवानी से जुड़ी दवाइयों का कार्य अपने चरम पर होता है। यह समय सेब सहित अन्य फसलों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस सरकार बागवानों को न तो स्प्रे ऑयल उपलब्ध करवा पा रही है और न ही आवश्यक बागवानी सामग्री।
यह आरोप किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष संजीव देष्टा ने लगाए हैं। उन्होंने कांग्रेस सरकार और हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) पर तीखा हमला किया है।
देष्टा ने कहा कि पूरे प्रदेश में विशेष कर शिमला जिले के रोहड़ू चौपाल रामपुर कोटखाई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गुम्मा स्थित एचपीएमसी केंद्र से बड़ी संख्या में बागवान खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। ठंड में दूर-दराज से पहुंचने के बावजूद उन्हें आवश्यक सामग्री नहीं मिल पा रही है, जिससे उनमें भारी रोष व्याप्त है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि सेब बाहुल क्षेत्रों से चार-चार मंत्री सरकार में शामिल होने के बावजूद बागवानों की समस्याओं पर चुप्पी साधे हुए हैं। यह सरकार की बागवानी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। बागवान प्रदेश की आर्थिकी की रीढ़ हैं, लेकिन आज वही खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के व्यवस्था परिवर्तन में बागवानों के साथ खुला अन्याय हो रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जल्द ही एचपीएमसी केंद्रों में स्प्रे ऑयल, खाद और दवाइयों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो भाजपा किसान मोर्चा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि बागवानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से सभी एचपीएमसी केंद्रों में आवश्यक बागवानी सामग्री उपलब्ध करवाई जाए, ताकि आने वाले सीजन में बागवानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
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