कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को निलंबित करने से अधर में लटकी 4,147 पदों के लिए भर्ती की प्रक्रिया

#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*

12 फरवरी 2023

हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार की पहली कैबिनेट में एक लाख नौकरियां देने का तो अता-पता नहीं, उलटा रोजगार के लिए करीब पांच लाख बेरोजगारों का इंतजार फिलहाल बढ़ गया है। इसका कारण यह है कि दिसंबर में हुए पेपर लीक की जांच के चलते राज्य कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को निलंबित करने से लगभग 4,147 पदों के लिए भर्ती की प्रक्रिया अधर में लटक गई है। इन्हीं पदों पर भर्ती होने के लिए करीब पांच लाख अभ्यर्थी कतार में लगे हैं। कुछ ने आवेदन कर रखा था तो कुछ आवेदन करने वाले थे। पूर्व में कोविड-19 के कारण भी डेढ़ साल तक भर्ती प्रक्रिया बंद रही। आयोग की ओर से आयोजित विभिन्न पोस्ट कोड की छंटनी परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के बाद भी अभ्यर्थियों को दो साल से नियुक्तियां नहीं मिली। सरकारी नियमों की पेचीदगियों के कारण भर्तियों के कई मामले कोर्ट में हैं। इन्हें निपटाने के लिए सरकार की पहल कमजोर है। जनवरी में शिमला में सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सामने जेओए आईटी के अभ्यर्थी अपना पक्ष रख चुके हैं। हमीरपुर स्थित राज्य कर्मचारी चयन आयोग पहले भी विवादों में ही रहा है। तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने कार्यकाल के शुरू में ही कुछ पद शिमला स्थित राज्य लोक सेवा आयोग से भर्ती करवाने के लिए बदल दिए थे।

जेओए आईटी के 2,500 पद भरे जाने हैं। वर्ष 2020-21 में पोस्ट कोड 817 के तहत 1,867 पदों के लिए आवेदन मांगे और छंटनी परीक्षाएं हुईं। 2021-22 में जेओए आईटी पोस्ट कोड 939 के तहत 300 पदों के लिए छंटनी परीक्षाएं हुईं। इन भर्तियों का मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में है। जेओए आईटी पोस्ट कोड 965 के तहत भी 300 से अधिक पदों की भर्ती प्रक्रिया 23 दिसंबर को पेपर लीक होने से अभी तक लटकी है। इन तीनों भर्ती परीक्षाओं के लिए तीन लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।

#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*

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