
#खबर अभी अभी सोलन ब्यूरो*
22 मई 2023
जलवायु परिवर्तन के कारण हिमाचल व कश्मीर घाटी में इस बार मधुमक्खियां सेब के फूलों का परागण नहीं कर पाईं। बेमौसम बारिश और ठंड से मधुमक्खियां मर रही हैं। माना जा रहा है कि इससे इस साल हिमाचल प्रदेश और कश्मीर घाटी में सेब का उत्पादन क्रमशः 30 फीसदी व 25 फीसदी घट सकता है। इससे उत्पादक किसानों वविक्रेताओं की माली हालत पर बुरा असर पड़ेगा
व्यापारियों के अनुसार, सेब की खेती से हिमाचल में सालाना 5,000 करोड़ का कारोबार होता है। कश्मीर में यह आंकड़ा 8,000-10,000 करोड़ रुपये है। यह राज्य के कुल जीडीपी का करीब 10 फीसदी है।फसल में एक माह की देरी विशेषज्ञों ने कहा, जलवायु परिवर्तन किसानों और बागवानों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। इस बार इनकी फसल में करीब एक महीने की देरी हुई। परागण नहीं होने से सेब उत्पादन 30-35 फीसदी घट सकता है।
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