
शिमला। कांग्रेस कमेटी के गठन को लेकर उलझन बढ़ गई है। इसमें प्रदेशाध्यक्ष का मामला भी शुमार हो गया है। हालांकि इसे लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं और ये अटकलें इस वजह से हैं, क्योंकि इसी महीने कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह का समयकाल पूरा हो रहा है। बताया जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल 23 अप्रैल को शिमला आ सकती हैं, वहीं शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने सभी राज्यों के महासचिवों व प्रभारियों को बैठक के लिए बुलाया है, जिसमें रजनी पाटिल भी शामिल होंगी। सूत्रों के अनुसार दिल्ली में होने वाली इस बैठक में महत्त्वपूर्ण फैसले अलग-अलग राज्यों के लिए होंगे और हिमाचल में क्योंकि प्रदेश कांग्रेस कमेटी का गठन किया जाना है, तो यह मुद्दा भी इस बैठक में उठेगा। रजनी पाटिल ने अपनी सूची तैयार कर ली है, जिन्होंने कई दौर की बैठकें यहां के नेताओं के साथ की हैं। वह अपनी सूची को वहां रखेंगी और हिमाचल के राजनीतिक हालातों को लेकर चर्चा करेंगी। इसके बाद हो सकता है कि हिमाचल में कांग्रेस कमेटी के गठन का रास्ता साफ हो जाए।
अब राष्ट्रीय स्तर पर कांग्र्रेस क्या फैसला लेती है यह देखना होगा। हाल ही में अहमदाबाद में हुए अधिवेशन में यह साफ कर दिया गया था कि जिलों के अध्यक्ष मजबूत होंगे और टिकट आबंटन में उनकी स्वीकृति मायने रखेगी। इससे पहले जिला अध्यक्षों को पार्टी में ज्यादा तवज्जो नहीं मिलती थी, लेकिन अब भविष्य में ऐसा नहीं होगा। कांग्रेस ग्रास रूट को मजबूत करना चाहती है और यह तभी होगा, जब निचले स्तर के पदाधिकारियों की बात भी सुनी जाएगी और उन्हें तवज्जो दी जाएगी। अब देखना होगा कि हिमाचल में जिला अध्यक्ष के रूप में कांग्रेस किन दमदार चेहरों को सामने लाती है। बहरहाल रजनी पाटिल के प्रदेश के दौरे के बाद बहुत कुछ सामने होगा और उससे पहले हो सकता है कि कमेटी का गठन यहां कर दिया जाए।
पूरा हो रहा प्रतिभा सिंह का कार्यकाल
यहां पर प्रदेशाध्यक्ष को बदले जाने की भी अटकलें हैं, क्योंकि प्रतिभा सिंह का कार्यकाल पूरा हो रहा है। वैसे पार्टी के एक धड़े के सूत्रों की मानें तो प्रदेशाध्यक्ष को फिलहाल एक साल के लिए हटाया नहीं जाएगा, लेकिन दूसरे धड़े ने कुछ नाम आगे कर रखे हैं, जिनमें विधायक संजय अवस्थी और सुरेश कुमार का नाम चल रहा है। वहीं, पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के नाम पर भी अटकलें जारी हैं और कहा जा रहा है कि उनको मंत्री पद से हटाकर पार्टी अध्यक्ष बनाया जाएगा।
अनिरुद्ध सिंह और मुकेश अग्रिहोत्री के बीच हुई बात
अनिरुद्ध सिंह गुरुवार को अचानक से प्राइवेट चौपर में ऊना गए थे, जहां पर उनकी बंद कमरे में डिप्टी सीएम मुकेश अग्रिहोत्री के साथ मुलाकात हुई थी। आखिर इस मुलाकात के पीछे क्या राज है, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो सका है। हालांकि दोनों नेताओं ने इसे व्यक्तिगत मुलाकात बताया है, मगर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा में है कि आखिर क्या जरूरत आन पड़ी कि अनिरूद्ध सिंह प्राइवेट चौपर में ऊना गए और प्राइवेट होटल में उन्होंने डिप्टी सीएम से मुलाकात की है।
सीएम-डिप्टी सीएम-प्रदेशाध्यक्ष ने की थी मुलाकात
इससे पूर्व हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम मुकेश अग्रिहोत्री व कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने दिल्ली में आला नेताओं से मुलाकात की थी। उन्होंने प्रभारी रजनी पाटिल से अलग-अलग मुलाकातें की हैं और इन मुलाकातों में तय किया गया है कि जिलाध्यक्ष कौन-कौन हो सकते हैं और संगठनात्मक जिलों का स्वरूप क्या होगा। कांग्रेस के कुछ नेता चाहते हैं कि भाजपा की तरह यहां पर भी संगठनात्मक जिलों का दायरा बढ़ाया जाए, लेकिन कुछ इसके हक में नहीं है।





