
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*
25 सितंबर 2023
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने कहा हिमाचल प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने अभी 10 माह का समय पूरा हुआ है और 10 माह के भीतर ही जनता के बीच सरकार के प्रति इतना रोष है। यह रोष शिमला में आए हजारों कार्यकर्ताओं के चेहरों से साफ झलक रहा है और इससे पता चलता है कि कांग्रेस की सरकार अब जल्द ही सत्ता से दूर होने वाली है। कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले कहा था कि जैसे ही वह सत्ता में आएंगे तो प्रदेश की 22 लाख बहनों को हर महीने 1500 रुपए की राशि जारी की जाएगी। कांग्रेस सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह पर बरसते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि वह जब लाहौल स्पीति के स्पीति घाटी दौरे पर गए थे। तो उसे दौरान उन्होंने स्पीति घाटी की हर महिला को 1500 रुपए देने की बात कही थी और उनके सभी विधायकों व मंत्रियों ने प्रदेश में यह शोर मचा दिया कि हमने अपनी गारंटी पूरी कर दी। लेकिन सच्चाई यह है कि प्रदेश के अन्य इलाकों में किसी भी महिला को यह राशि अभी तक नहीं मिल पाई है और कांग्रेस सरकार पर हर महिला का साढ़े 13 हजार रुपए का कर्ज भी चढ़ गया है। अब प्रदेश की महिलाएं भी कांग्रेस सरकार से मांग कर रही हैं कि साडा हक एथे रख यह गारंटी उनकी कब पूरी होगी।
वही डॉक्टर राजीव बिंदल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि पहली ही कैबिनेट में प्रदेश में 1 लाख युवाओं को नौकरी दी जाएगी। लेकिन आज कई कैबिनेट की बैठक हो गई और युवा आज भी बेरोजगार सड़कों पर घूम रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस सरकार ने युवाओं के साथ ठगी की ओर रोजगार के नाम पर उनका शोषण भी किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में अब कानून व्यवस्था भी बुरी तरह से चरमरा गई है। बीते महीनों चंबा में एक दलित युवक की हत्या कर दी गई और उसके टुकड़े कर खड्ड में फेंक दिए गए। लेकिन कांग्रेस सरकार के मुखिया सुखविंदर सिंह आज तक उस पीड़ित परिवार से मिलने के लिए चंबा भी नहीं पहुंचे हैं। हिमाचल प्रदेश में आज ऐसा कोई भी जिला नहीं है। जहां पर महिलाओं के साथ अपराध के मामले ना बढ़े हो। इससे बड़ी शर्मनाक बात कांग्रेस सरकार के लिए और क्या हो सकती है कि वह प्रदेश में मातृ शक्ति को भी सुरक्षा प्रदान नहीं करवा पा रहे हैं।
डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने मणिपुर मामले में तो खूब शोर मचाया। लेकिन उनके अपने गृह जिला में ही एक महिला के बाल काटे गए और उसका मुंह काला कर उसे पूरे इलाके में घुमाया गया। इससे बड़ी शर्मनाक घटना और क्या हो सकती है। अब तो उनका गृह जिला हमीरपुर ही मणिपुर बन गया। ऐसे में सरकार के द्वारा क्या कार्रवाई की गई। ताकि प्रदेश में माताएं बहने सुरक्षित रह सके।
डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि पूर्व की भाजपा सरकार ने डीजल के दाम 7 रुपए घटाए थे। लेकिन कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही डीजल के दाम बढ़ा दिए। आज प्रदेश के डिपो में गरीबों को राशन महंगा मिल रहा है और बिजली के दाम में भी अब बढ़ोतरी कर दी गई है। कांग्रेस सरकार अब हर चीज पर टैक्स लग रही है और आने वाले समय में नारे लगाने पर भी कांग्रेस की सरकार टैक्स लगा सकती है। पीने के पानी पर भी सरकार टैक्स लगा सकती है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जब प्राकृतिक आपदा आई तो उस दौरान भी सरकार से ज्यादा काम भाजपा के द्वारा किया गया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा कुल्लू, मंडी, शिमला का दौरा कर पीड़ितों का दुख दर्द बांटते रहे और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी तुरंत राहत राशि जारी कर विकास कार्य में अपना सबसे अहम योगदान दिया है। ऐसे में अब कांग्रेस सरकार अपनी नाकामियों का ठीकरा भाजपा पर फोड़ रही है। क्योंकि उनसे खुद धरातल पर कोई काम नहीं हो पा रहा है। कांग्रेस के नेता आए दिन यह बयान दे रहे हैं कि भाजपा कुछ नहीं कर रही है। जबकि उन्हें इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि प्रदेश में सरकार कांग्रेस पार्टी की है और आम जनता को राहत देने की दिशा में भी कांग्रेस सरकार को काम करना चाहिए। प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोगों को सरकार ना तो राहत दे पा रही है और ना ही उन्हें दोबारा घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध करवा पा रही है। डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि अगर कांग्रेस के नेताओं से सरकार नहीं संभालती है। तो वह उसे तुरंत छोड़ दें और भाजपा उन्हें प्रदेश में सरकार का सही संचालन करके बताएगी।
भाजपा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा चुनाव के समय झूठे वादों और गारंटियों से जनता को गुमराह करके सत्ता में आई कांगे्रस का असली चेहरा 9 महीनों में ही बेनकाब हो गया है। इस सरकार का न तो कोई विजन है और न ही कोई प्राथमिकता। सत्ता के मजे ले रही इस सरकार को जनता की पीड़ा का भी कोई अहसास या परवाह नहीं है। यहां तक कि प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए भी सरकार में कोई तालमेल नजर नहीं आया। मुख्यमंत्री, मंत्री और कांग्रेस नेता अलग-अलग राग अलापते रहे। आपदा पीड़ितों की सही मायनों में मदद करने के बजाए कांग्रेस सरकार का फोकस इस बात पर रहा कि त्रासदी की वजह से राजनीतिक नुकसान से कैसे बचा जाए। कोई भी सरकार देश या प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए बनती है, लेकिन हिमाचल में कांग्रेस की सरकार इस पर्वतीय राज्य को पीछे धकेलने का काम कर रही है। आपदा से उबरने के लिए केंद्र से भरपूर मदद मिलने के बावजूद अहसानफरामोश सत्ता पक्ष केंद्र सरकार पर हिमाचल की अनदेखी के झूठे आरोप लगा रहा है।
शिमला में आक्रोश रैली में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि 9 महीने पहले सत्ता में आई कांग्रेस ने एक भी फैसला जनहित में नहीं लिया। उसने कदम-कदम पर जनविरोधी फैसले लिए। भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट नहीं निकाले जा रहे हैं। कोरोना के समय नियुक्त किए गए लगभग 1800 कर्मचारियों को नौकरी से हटाने के नोटिस जारी हो चुके हैं। इसी तरह पीडब्ल्यूडी और आईपीएच समेत कई अन्य विभागों और संस्थानों से हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को घर भेज दिया गया। इसके चलते प्रदेश में अराजकता का माहौल है। सीमा शुल्क, टोल बैरियरों पर उठ रहे विवादों से प्रदेश के टैक्सी व ट्रक चालकों तथा औद्योगिक घरानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। बिगड़ती कानून व्यवस्था मौजूदा सरकार की एक बड़ी नाकामी है। प्रदेश में कानून व्यवस्था का पूरी तरह से जनाजा निकल गया है। आलम यह है कि असामाजिक तत्व बेखौफ होकर दिन-दिहाड़े आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे देवभूमि हिमाचल की छवि दागदार हो रही है। कांग्रेस सरकार के राज में प्रदेश की महिलाओं से हो रही निर्लज्जता और घिनौनी हरकतें प्रदेश को शर्मसार कर रही हैं। इसका एक जीता-जागता उदाहरण मुख्यमंत्री के गृह जिला में भी सामने आया है। कांग्रेस शासनकाल में आए दिन कानून की धज्जियां सरेआम उड़ रही हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के समय लोगों की मांग और जरूरत के आधार पर खोले गए 1000 से अधिक संस्थानों को इस सरकार ने राजनीतिक द्वेष और बदले की भावना से काम करते हुए बिना सोचे-समझे बंद कर दिया। अब उन्हीं को दोबारा खोलने की घोषणा करके यह सरकार अपनी जगहंसाई करवा रही है। हिमाचल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि लोगों और कर्मचारियों को 9 महीने में ही सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। भाजपा की आक्रोश रैली से पहले से ही सरकार के खिलाफ आए दिन जमकर नारेबाजी हो रही है। सरकार के भेदभावपूर्ण कार्यों, मंहगाई, बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिलाओं पर अत्याचार तथा आपदा राहत में बंदरबांट के विरोध और पहली केबिनेट में एक लाख युवाओं को रोजगार देने, महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये देने, 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने तथा किसानों से गोबर खरीदने जैसे वादों और गारंटियों का स्मरण करवाने के लिए भाजपा ने आक्रोश रैली के माध्यम से सभी वर्गों की आवाज बुलंद की है। विधानसभा का घेराव करके सरकार की कारगुजारियों का पोस्टमार्टम करके उसकी रिपोर्ट जनता के समक्ष रखी गई है। सरकार को चुनाव में किए गए वादों और गारंटियों का हिसाब जनता को देना ही होगा। भाजपा चुप नहीं बैठेगी। वह सशक्त विपक्ष की भूमिका ईमानदारी से निभाएगी। यदि सरकार ने अपने रवैये में सुधार करने के साथ ही जनता को दी गई गारंटियों को पूरा नहीं किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*





