कुल्लू के भूतनाथ पुल पर कैग का बड़ा खुलासा: निर्माण और डिजाइन में गंभीर खामियाँ, करोड़ों रुपये का बेकार खर्च

कुल्लू जिले के भूतनाथ पुल को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, पुल के निर्माण और डिजाइन अप्रूवल में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं, जिनकी वजह से 14.75 करोड़ रुपये का बेकार और रोका जा सकने वाला खर्च हुआ।

5 साल में ही बंद करना पड़ा पुल
व्यास नदी पर 10.60 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह पीएससी बॉक्स गर्डर पुल अक्टूबर 2013 में चालू हुआ था। लेकिन सिर्फ 5 साल बाद जनवरी 2019 में पुल में स्ट्रक्चरल नुकसान सामने आने के बाद इसे बंद करना पड़ा।
यह पुल मूल रूप से जुलाई 2007 में 5.51 करोड़ की मंजूरी के साथ स्वीकृत हुआ था। बाद में नवंबर 2009 में इसे नाबार्ड की RIDF योजना में शामिल किया गया और दिसंबर 2009 में मंजूरी बढ़ाकर 8.58 करोड़ कर दी गई।

लेकिन ठेकेदार द्वारा अपने स्वयं के डिजाइन के आधार पर प्रोजेक्ट की लागत बढ़कर 10.60 करोड़ हो गई — इस अतिरिक्त 2.2 करोड़ रुपये के लिए सरकार द्वारा कोई नई प्रशासनिक मंजूरी नहीं ली गई। कैग ने इसे स्पष्ट अनियमितता बताया है।

डिजाइन से लेकर निर्माण तक खामियां

ऑडिट में यह भी सामने आया कि—

मूल डिजाइन ही गलत था

पुल का निर्माण कार्य भी मानकों के अनुरूप नहीं हुआ

ठेकेदार ने कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों का पालन नहीं किया

निरीक्षण और तकनीकी जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई

मंडी जोन के चीफ इंजीनियर ने स्वीकार किया कि ठेकेदार ने निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया था, जिसके चलते पुल की मजबूती प्रभावित हुई।

तकनीकी समिति भी नहीं बनाई गई

जनवरी 2019 में हुई मजिस्ट्रेट जांच में विशेषज्ञों की तकनीकी समिति गठित करने की सिफारिश की गई थी, लेकिन सरकार ने अब तक ऐसी कोई समिति नहीं बनाई। इससे स्पष्ट होता है कि प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।

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