
कुल्लू जिला में रिवर राफ्टिंग टेक्निकल कमेटी ने पर्यटन सीजन से पहले सुरक्षा के मद्देनजर रिवर राफ्टिंग उपकरणों की जांच शुरू कर दी है। हिमाचल प्रदेश एडवेंचर रूल्स 2005 के तहत की जा रही इस प्रक्रिया में पहले दिन बबेली रिवर राफ्टिंग प्वाइंट पर 22 ऑपरेटरों की 66 राफ्टों की जांच की गई, जिन्हें पास कर दिया गया है।
निरीक्षण के दौरान दो राफ्टों को रिपेयरिंग के निर्देश दिए गए, जबकि आधा दर्जन लाइफ सेविंग जैकेट को रद्द किया गया। जिला प्रशासन द्वारा हर साल दो बार राफ्टिंग उपकरणों की जांच की जाती है, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पिरड़ी राफ्टिंग केंद्र के प्रभारी गिमनार सिंह ने बताया कि बबेली में जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि पिरड़ी और झीड़ी में संचालित कंपनियों के उपकरणों की जांच भी जारी है। उन्होंने कहा कि ब्यास नदी में राफ्टिंग करने वाले सैलानियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
वहीं, टेक्निकल कमेटी के गैर सरकारी सदस्य शिव चंद ठाकुर ने बताया कि जिला कुल्लू में करीब 200 रिवर राफ्टिंग ऑपरेटरों की 700 राफ्टों और उपकरणों की जांच तीन दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। यह कार्रवाई जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग कुल्लू और अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान मनाली के संयुक्त प्रयास से की जा रही है।
उधर, व्यास राफ्टिंग एडवेंचर एसोसिएशन के अध्यक्ष ठाकुर चंद ने कहा कि संगठन भी सैलानियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है और केवल उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों का ही इस्तेमाल किया जाता है। कमेटी के निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाएगा।
ब्यूरो रिपोर्ट: कुल्लू (सुशांत शर्मा)





