
कुल्लू-
कुल्लू, हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना के अंतर्गत खंड परियोजना प्रबंधन इकाई (BPMU) कुल्लू द्वारा आजीविका गतिविधियों के तहत भुट्टिको (Bhuttico) कुल्लू में आयोजित हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। लगभग साढ़े चार माह तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 21 प्रशिक्षुओं ने भाग लेकर हैंडलूम और हस्तशिल्प से संबंधित आधुनिक तकनीकों और व्यावहारिक कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समापन समारोह में परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर भुट्टिको के चेयरमैन एवं हिमाचल प्रदेश सरकार के पूर्व बागवानी मंत्री श्री सत्य प्रकाश ठाकुर विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त सीनियर कंसल्टेंट बी. एस. संधू तथा जिला परियोजना प्रबंधक मंडी डॉ हेमराज वर्मा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करना तथा युवाओं और महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इन्हें आधुनिक तकनीकों व बाजार से जोड़कर बेहतर आय के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का उपयोग कर स्वरोजगार के अवसर विकसित करें और अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बनें।
विशेष अतिथि सत्य प्रकाश ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने के साथ-साथ प्रदेश की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को भी बढ़ावा देते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षुओं को परियोजना की ओर से टूलकिट प्रदान की गई, ताकि वे प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का उपयोग कर अपने स्तर पर कार्य प्रारंभ कर सकें और अपनी आजीविका को सुदृढ़ बना सकें।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक डॉ. सुनील चौहान ने एफआईएस छरेहरा का दौरा भी किया, जहां उन्होंने SHEP किसानों के साथ संवाद कर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली और उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने उप-परियोजना के अंतर्गत लगाए गए लहसुन (Garlic) और फूलगोभी (Cauliflower) के प्रदर्शन प्लॉट का निरीक्षण किया तथा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी और स्थानीय स्तर पर बेहतर उत्पादन एवं विपणन के अवसर मिलेंगे। इस दौरान एसएमएस डॉ. खुब राम, बीपीएम कुल्लू डॉ. जयंत रत्ना, कंस्ट्रक्शन इंजीनियर अंकुश सहित विभाग का अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहा।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों और किसानों ने परियोजना प्रबंधन इकाई का आभार व्यक्त किया। यह पहल न केवल कौशल विकास को बढ़ावा दे रही है, बल्कि किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए आय के नए अवसर भी सृजित कर रही है।
ब्यूरो रिपोर्ट कुल्लू.. सुशांत शर्मा





