कुल्लू में साहसिक गतिविधियों के लिए नियामक समिति की बैठक संपन्न; सुरक्षा मानकों और पारदर्शिता पर जोर

कुल्लू-
उपायुक्त एवं अध्यक्ष, नियामक समिति तोरुल रवीश की अध्यक्षता में आज जिला कुल्लू में संचालित होने वाली साहसिक गतिविधियों (एयरो स्पोर्ट्स, रिवर राफ्टिंग एवं अन्य) की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य पर्यटन गतिविधियों को सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना था। बैठक में चर्चा के बिंदुओं पर आवश्यक निर्णय लिए गए।
उपायुक्त ने पैराग्लाइडिंग के लिए कड़े निर्देश देते हुए सभी पैराग्लाइडिंग साइटों पर सुरक्षा मानदंडों का सख्ती से पालन करने और ‘क्या करें और क्या न करें’ (Do’s & Don’ts) के बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत आधिकारिक तौर पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी को सूचित करना अनिवार्य होगा। उन्होंने नेशनल हाईवे के किनारे लगे अवैध और अतिरिक्त काउंटरों को तुरंत हटाने के आदेश दिए गए हैं। बुकिंग के लिए केवल ‘सिंगल काउंटर सिस्टम’ ही मान्य होगा उन्होंने सभी संगठन को सिंगल काउंटर आरंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑपरेटरों के लिए ‘ड्रग/डोप टेस्ट’ की नेगेटिव रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य होगा। इसके लिए DAC खातों से ड्रग टेस्ट किट खरीदने पर भी चर्चा हुई

मार्शल की तैनाती, उनकी नियमित रिपोर्टिंग और उनके वेतन को सीधे डीएसी के खातों में जमा करने के निर्देश दिए गए ताकि सभी गतिविधियों का नियम अनुसार लेखा-जोखा तथा क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। रिवर राफ्टिंग (River Rafting) संबंधी गतिविधियों के बारे में चर्चा करते हुए राफ्टिंग गतिविधियों के लिए निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के पूर्ण अनुपालन की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्ट्रेच पर राफ्टिंग गतिविधियों का उचित रिकॉर्ड बनाए रखना और प्रतिदिन की गतिविधियों का ब्यौरा देना अनिवार्य होगा। समिति ने विभिन्न स्थानों पर चल रही अवैध और अपंजीकृत साहसिक गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की। उपायुक्त ने विशेष रूप से मनाली और अन्य क्षेत्रों में चल रही ऐसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी एसोसिएशनों को ‘सेल्फ-रेगुलेशन’ और सरकारी नियमों के भीतर रहकर कार्य करने की सलाह दी गई है। एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन को एक ऐसा फॉर्मूला विकसित करने का निर्देश दिया गया है जिससे काम का वितरण न्यायपूर्ण हो। नियमों के उल्लंघन पर अवमानना कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। डेटा और पारदर्शिता रखते हुए सभी एसोसिएशनों के लिए अब आवश्यक विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। जिसमें मासिक कुल राइड्स और आने वाले पर्यटकों का पूरा डेटा सहित प्रत्येक ऑपरेटर को लॉग बुक का रखरखाव करना होगा ताकि गतिविधियों का सटीक रिकॉर्ड रहे। पर्यटकों की जान-माल की सुरक्षा के लिए नए सुरक्षा मानक तय हैं । सूर्यास्त या अंधेरा होने के बाद किसी भी साहसिक गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। प्रत्येक राइड से पहले पर्यटकों को ऑडियो/वीडियो के माध्यम से सुरक्षा निर्देशों की जानकारी देना अनिवार्य होगा। ड्रग टेस्टिंग और अनुशासन (Drug Tests) साहसिक खेलों के संचालन में शामिल पायलटों और ऑपरेटरों के लिए नशे के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई गई है, ऑपरेटरों और पायलटों का औचक ड्रग टेस्ट किया जाएगा।

बैठक की कार्यवाही का संचालन जिला पर्यटन विकास अधिकारी रोहित शर्मा ने किया। बैठक में अतिरिक्त जिला उपायुक्त अश्वनी कुमार, एसडीएम मनाली रमन शर्मा, अविमास मनाली के निदेशक अविनाश नेगी, विभिन्न एडवेंचर संगठन के पदाधिकारी गण तथा आधिकारिक सदस्य उपस्थित रहे।
कुल्लू से सुशांत शर्मा की रिपोर्ट

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