
कुल्लू: सूत्रधार कला संगम कुल्लू द्वारा स्वर्गीय लाल चन्द प्रार्थी की 110वीं जयंती के उपलक्ष्य पर सूत्रधार भवन के सभागार में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार, शिक्षाविद एवं कलासंस्कृति संरक्षक डॉ. निरंजन देव शर्मा ने अपनी धर्मपत्नी प्रतिमा शर्मा सहित बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन व स्व. प्रार्थी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस दौरान संस्था ने मुख्य अतिथि दंपत्ति को कुल्लवी परंपरा के अनुसार शाल, टोपी व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने लोकगीत, फिल्मी गीत और ग़ज़लों की शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अमीशा सेन, रिया, सुशीला, सनी, धनवंती, कादम्बिनी शर्मा, शुभम, अनुष्का, विजय, करिश्मा, कृष्णा शर्मा, डिम्पल, अर्पिता, संजय पुजारी, जीवन बुडाल व धर्मेन्द्र शर्मा ने अपनी गायकी से समा बांध दिया। वहीं रेखा ने “लो आ गई फिर उनकी याद” पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया।
संगीत में तबले पर पं. विद्या सागर, बांसुरी पर निशांत गौतम, हारमोनियम पर संजय पुजारी और गिटार पर विजय ने उत्कृष्ट संगत दी।
संस्था अध्यक्ष दिनेश सेन ने स्वागत भाषण में कहा कि स्व. लाल चन्द प्रार्थी न केवल कुशल राजनीतिज्ञ थे, बल्कि वे साहित्यकार, कवि और संगीत प्रेमी भी थे। उन्होंने हिमाचल की भाषा, कला और संस्कृति के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया तथा कुल्लू दशहरा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
मुख्य अतिथि डॉ. निरंजन देव शर्मा ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले पांच दशकों से संस्था युवाओं को कला से जोड़कर उन्हें सकारात्मक दिशा दे रही है। उन्होंने अपने संबोधन में स्व. प्रार्थी की स्मृतियों को साझा करते हुए उनकी कृति “कुलुत देश की कहानी” के अंश भी प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का मंच संचालन सुंदर श्याम महंत ने किया। इस अवसर पर स्व. प्रार्थी के सुपौत्र अनुराग प्रार्थी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कुल्लू ब्यूरो रिपोर्ट: सुशांत शर्मा





