
#खबर अभी अभी शिमला ब्यूरो*
17 अक्तूबर 2024

केंद्र सरकार ने दो रेल परियोजनाओं के लिए हिमाचल से लागत के हिस्से के 1626.36 करोड़ रुपये मांगे हैं। यह मामला भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी और चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन का है। रेल मंत्रालय के एक्स ऑफिशियो प्रधान सचिव और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने इस संबंध में मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को एक पत्र लिखा है। इसमें बकाया राशि जारी करने को कहा है। कहा गया है कि पहले भी कई अवसरों पर इस विषय को उठाया जा चुका है, मगर राज्य की ओर से बकाया 1626.38 करोड़ रुपये जारी किए बगैर इन परियोजनाओं में आगे बढ़ने में असमर्थता की स्थिति बनी हुई है। 14 अक्तूबर को यह पत्र लिखा गया है
जयराम और बिंदल बोले-शेयर नहीं देने पर भानुपल्ली-बिलासपुर रेलवे प्रोजेक्ट में देरी
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व जयराम ठाकुर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीब बिंदल ने कहा कि हिमाचल में चल रहे रेलवे प्रोजेक्ट में अपना शेयर न देकर प्रदेश सरकार जानबूझकर अड़ंगे डाल रही है। इससे यह प्रोजेक्ट अब बंद होने के कगार पर हैं। प्रधानमंत्री हिमाचल में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए प्रयासरत हैं। कांग्रेस सरकार भानुपल्ली-बिलासपुर और चंडीगढ़-बद्दी रेलवे प्रोजेक्ट को लेकर लापरवाही वाला रवैया अपना रही है।
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व जयराम ठाकुर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीब बिंदल ने कहा कि हिमाचल में चल रहे रेलवे प्रोजेक्ट में अपना शेयर न देकर प्रदेश सरकार जानबूझकर अड़ंगे डाल रही है। इससे यह प्रोजेक्ट अब बंद होने के कगार पर हैं। प्रधानमंत्री हिमाचल में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए प्रयासरत हैं। कांग्रेस सरकार भानुपल्ली-बिलासपुर और चंडीगढ़-बद्दी रेलवे प्रोजेक्ट को लेकर लापरवाही वाला रवैया अपना रही है।
मंडी में पत्रकार वार्ता में जयराम ने कहा कि भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी रेलवे लाइन को 75:25 अनुपात के तहत बनाया जा रहा है। इसमें 75 प्रतिशत भागीदारी केंद्र सरकार की है, जबकि 25 प्रतिशत भागीदारी प्रदेश सरकार की है। मगर प्रदेश सरकार अपनी भागीदारी का 1441 करोड़ रुपये रेलवे बोर्ड को नहीं दे रही है। दूसरी तरफ चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाइन को 50-50 प्रतिशत की भागीदारी में बनाया जा रहा है। इसका पैसा भी राज्य सरकार नहीं दे रही है। इसका भी 185 करोड़ देने को है। उन्होंने कहा कि बड़े कार्यों के लिए केंद्र और प्रदेश की हिस्सेदारी रहती है, उसके पश्चात ही रेलवे विस्तारीकरण का कार्य सुचारू होता है। लेकिन हिमाचल की सुक्खू सरकार इन पैसों को नहीं दे रही है।





